झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का मामला हाल ही में सामने आया है. इस संबंध में केंद्रीय परियोजना समन्वयक राजीव कुमार सिन्हा, जो वर्तमान में उच्च न्यायालय में पदस्थापित हैं, ने इस संबंध में डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसके पास से डेढ़ लाख रुपये भी बरामद किए हैं. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 19 जुलाई की शाम 5:41 बजे सिन्हा को उनके कार्यालय के मोबाइल नंबर पर एक नंबर से मिस्ड कॉल आई।
नंबर के लिए प्रदर्शित कॉलर आईडी मुख्य न्यायाधीश की थी। इसके बाद सिन्हा ने उक्त नंबर पर वाट्सएप कॉल किया, जो नहीं उठा। उसके बाद 5:42 बजे उसे उसी नंबर से लगातार व्हाट्सएप संदेश आने लगे जिसमें प्रेषक ने सिन्हा को आवश्यक बैठकों में व्यस्त रहने और बहुत कम कॉल लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही एक और मैसेज भेजा गया जिसमें कहा गया कि फोन करने वाला व्यस्त है। फिर उन्हें Amazon पर 10000 रुपये के 15 गिफ्ट कार्ड खरीदने का मैसेज आया।
दूसरी ओर, राजीव सिन्हा का मानना था कि प्रधान न्यायाधीश उन्हें 15 उपहार कार्डों का भुगतान करने का निर्देश दे रहे थे। सिन्हा ने अपने एसबीआई बचत खाते से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया।भुगतान के बाद आए सभी 15 लिंक की जानकारी उसने उक्त नंबर के व्हाट्सएप पर भेज दी। जब उन्हें समान राशि के 50 गिफ्ट कार्ड खरीदने का ऐसा ही संदेश मिला, तो उन्हें शक हुआ।सिन्हा ने इसके बाद Truecaller से नंबर चेक किया, जिससे उन्हें पता चला कि नंबर किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड है। सिन्हा ने इस संबंध में एसएसपी रांची को सूचित किया.
एसएसपी ने तुरंत एफआईआर की कॉपी साइबर सेल को दी और डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए. उक्त नंबर के खिलाफ डोरंडा थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इस मामले में भादवी की धारा 419, 420 और आईटी एक्ट 66सी व 66डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.



