सरायकेला-खरसावां: मरांग मुरूम आजीविका सखी मंडल की मदद से सशक्त हुईं ऋतुली हेमरोंन

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Rituli Hemron

सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया प्रखंड के पेंड्रा बेड़ा गांव की ऋतुली हेमरोंन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पति अस्थायी मजदूरी करते थे। साल 2018 में वह मरांग मुरूम आजीविका सखी मंडल से जुड़ीं और अपनी समस्या समूह से साझा की। अन्य सदस्यों की सलाह पर उन्होंने ₹20,000 का ऋण लेकर दो भेड़ खरीदीं और भेड़ पालन शुरू किया।आज उनके पास 20 से अधिक भेड़ें हैं तथा उन्हें एक भेड़ की कीमत 15 से 20 हजार तक मिलती है, जिससे वह सालाना एक लाख रुपए से अधिक कमाई कर रही हैं। उन्होंने कच्चे घर से पक्के घर का निर्माण किया है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाई है।

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