रांची: ग्रामीण विकास सचिव चंद्रशेखर ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है.” उन्होंने सभी उपायुक्तों एवं उप विकास आयुक्तों को मनरेगा कार्यों की मॉनिटरिंग करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत संचालित योजनाएं धरातल पर दिखें.
बैठक में मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं के संबंध में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्देश उप विकास आयुक्तों को दिये गये. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण विकास योजना की समीक्षा की गयी.
बैठक में दिये गये दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं- 1. मनरेगा
a) वीर शहीद पोटो हो खेल मैदान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वन क्षेत्र में जिलों द्वारा ली गयी योजनाओं के संबंध में एनओसी नहीं मिला है. इस पर सभी जिलों को संबंधित सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
b) एबीपीएस (आधार बेस्ट पेमेंट) की प्रगति पर नाखुशी व्यक्त करना। 15 अक्टूबर तक एबीपीएस को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सुधार लाना होगा.
ग) बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन योजना के तहत जिलों में शत-प्रतिशत कार्य स्वीकृत किया जाये.
घ) पोषण वाटिका में सभी उप विकास आयुक्तों को संबंधित स्कूलों के बीईओ के साथ बैठक करते हुए सोमवार तक योजना को शत-प्रतिशत चालू करने का निर्देश दिया गया.
एफ) एरिया ऑफिसर एप एवं एनएमएमएस को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया गया.
छ) मानव दिवस सृजन के मासिक लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश सभी उप विकास आयुक्त को दिया गया.



