अब, राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई अधिवास-आधारित आरक्षण नहीं होगा। कोई भी भारतीय नागरिक सरकारी शिक्षक की नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है और यह बाध्यकारी नहीं है कि उसके पास बिहार का अधिवास होना चाहिए।बिहार में शिक्षक नियुक्ति के लिए नियमावली में संशोधन कर स्थानीय निवासी होने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।यह फैसला नीतीश कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। पहले टीचर भर्ती में बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी था। यह नियम हटते ही देश भर के युवा इस भर्ती में शामिल हो सकते हैं।ज्ञात हो कि बिहार में 1 लाख 70 हजार टीचरों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसका आवेदन 12 जुलाई 2023 तक किया जा सकता है।




