रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सचिवालय में मौखिक निर्देश के आधार पर पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ कार्यक्रम आयोजित कर अपनी सरकार की उपलब्धियों का प्रचार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सचिवालय में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की उपेक्षा की जा रही है।प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है। वो समाज और सरकार का दर्पण है।कृपया इस बैन को तुरंत उठाने का आदेश दें।
प्रतुल शाह देव का कहना है कि राज्य सरकार पुराने निवेश प्रस्तावों की रीपैकेजिंग कर रही है.भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता में प्रतुल शाह देव ने कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने कई महीने पहले डावोस में जो MOU हुआ था,उसी को दोबारा री पैकेजिंग करके नई दिल्ली के नेशनल स्टेक होल्डर सम्मिट में नए निवेश की तरह पेश किया।मुख्यमंत्री ने हाल ही में दिल्ली में 99,639 करोड़ रुपये के निवेश की जो घोषणाएं की हैं, वे असल में छह महीने पहले दावोस और यूके यात्रा के दौरान आए प्रस्ताव ही हैं.हद तो तब हो गई जब बिना किसी केंद्रीय मंत्रालय या एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के परमिशन के बिना 30000 करोड़ के न्यूक्लियर पावर प्लांट के स्थापना की भी घोषणा कर दी गई।भाजपा राज्य की बेहतरी के लिए औद्योगिक निवेश का स्वागत करती है l पर हवा हवाई घोषणाओं और रिपैकेजिंग से परहेज करना चाहिए।प्रतुल शाह देव ने मांग की है कि सरकार साफ करे कि पिछले छह महीनों में इन पर जमीन पर क्या काम हुआ और कितने युवाओं को रोजगार मिला.




