चाईबासा : आपस में झगड़ने के बाद पति-पत्नी अपने तीन बच्चों (नौ वर्षीय समीर बानरा, सात वर्षीय सुरसिंग बानरा और चार वर्षीय बिरसा बानरा) को गांव में छोड़कर अलग-अलग राज्यों में चले गये. बच्चे तीन माह से गांव में चावल पका कर खाते हैं, तो कभी कभार भूखे सो जाते हैं. उक्त मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड स्थित होरलोर गांव का है. बच्चों के पिता नीरू बानरा आंध्रप्रदेश व माता फूलकुमारी बानरा तमिलनाडु गयी है. इसकी सूचना रुइडी पंचायत के वार्ड सदस्य ने खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा को दी. इसके बाद प्रखंड प्रमुख ने शुक्रवार को गांव जाकर बच्चों का हाल जाना. प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने बच्चों को सूखा राशन खरीद कर दिया. बच्चे बहुत भूखे थे। जानकारी मिली कि बच्चों के माता-पिता अक्सर झगड़ा करते थे. एक दिनों दोनों में झगड़ा हुआ, तो घर छोड़कर चले गये.इनमें से दो बच्चे आंगनबाड़ी जाते हैं। इनका सबसे बड़ा भाई तृतीय कक्षा का छात्र है।
मामले की सूचना मिलते ही मंत्री चम्पाई सोरेन ने चाईबासा डीसी को निर्देश जारी किया ”@DC_Chaibasa इन बच्चों की सहायता करें। इन्हें सामाजिक सुरक्षा एवं समाज कल्याण की अधिकतम योजनाओं से जोड़ते हुए, इनकी शिक्षा का इंतजाम करें।” जिसके बाद संलग्न को सामाजिक सुरक्षा व समाज कल्याण की योजनाओं से जोड़ने के तदर्थ BDO, DCPO के द्वारा आज स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में घर पर जाकर तीनों बच्चों से भेंट किया गया है। इसकी जानकारी चाईबासा डीसी ने दी ”महोदय, संलग्न को सामाजिक सुरक्षा व समाज कल्याण की योजनाओं से जोड़ने के तदर्थ BDO, DCPO के द्वारा आज स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में घर पर जाकर तीनों बच्चों से भेंट किया गया है। महोदय मामले में यथोचित कार्रवाई सुनिश्चित कर आपको सादर सूचित करूंगा.”



