रांची: रांची के सांसद संजय सेठ ने बुधवार को इटकी स्थित टीबी सेनेटोरियम का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और उपलब्ध संसाधनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और अस्पताल की समग्र व्यवस्था का जायजा लिया।निरीक्षण के बाद संजय सेठ ने कहा कि “टीबी मुक्त भारत” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इटकी टीबी सेनेटोरियम कभी देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित टीबी उपचार केंद्रों में शामिल था, लेकिन वर्तमान में कई आवश्यक संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।सांसद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रांची सहित आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं, लेकिन संसाधनों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संजय सेठ ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण टीबी उपचार केंद्र की बदहाल व्यवस्था दुखद है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन जैसे बड़े अभियान के बावजूद इस संस्थान की समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र दुरुस्त करने, खराब डिजिटल एक्स-रे मशीन को चालू कराने तथा स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि टीबी मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।




