रांची के प्रमुख स्थानों पर 8-13 मार्च तक पलाश होली स्पेशल स्टॉल,ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को बाजार

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Palash Holi special

रांची के प्रमुख स्थानों पर 8-13 मार्च, 2025 तक पलाश होली स्पेशल स्टॉल में हर्बल गुलाल, हैंडमेड चॉकलेट, रागी लड्डू, नमकीन जैसे शुद्ध उत्पादों की बिक्री की जा रही है।साथ ही हजारीबाग, पलामू, चतरा, रामगढ, खूंटी एवं लोहरदगा जिलों में पलाश हर्बल गुलाल प्रदर्शनी सह बिक्री स्टॉल लगाए गए है।पलाश ब्रांड के तहत सखी मंडल की महिलाओं द्वारा प्राकृतिक उत्पादों से तैयार पलाश हर्बल गुलाल बाजार में उपलब्ध है। सखी मंडल की माहिलाएं गुलाल तैयार करने में प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल कर रहीं है, जो त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती। इस हर्बल गुलाल में किसी भी प्रकार के रसायन या आर्टिफिशियल सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। इसे बनाने के लिए समूह की दीदियां फूल, फल और पत्तियों का इस्तेमाल कर रही हैं।हरे रंग के लिए पालक, गुलाबी के लिए चुकंदर, पीले और नारंगी रंग के लिए पलाश व हल्दी, जबकि नीले रंग के लिए सिंद्धार समेत अन्य फूलों और पत्तियों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, गुलाल को सुगंधित बनाने के लिए प्राकृतिक एसेंस का भी समावेश किया गया है।

राँची के प्रमुख स्थानों में पलाश हर्बल गुलाल प्रदर्शनी सह बिक्री स्टाल का हुआ शुभारंभ …
रंग-बिरंगे हर्बल गुलाल पांच वैरायटी में उपलब्ध हैं। इसकी खरीदारी नजदीकी पलाश मार्ट अथवा होली स्पेशल डिस्प्ले स्टॉल से की जा सकती है। इस पहल के जरिए रांची शहरी क्षेत्र में पलाश हर्बल गुलाल के स्टॉल राज्य सरकार के प्रमुख कार्यालयों—एफएफपी भवन, सचिवालय (धुर्वा), झारखंड उच्च न्यायालय परिसर—तथा प्रमुख व्यावसायिक स्थलों—रांची मॉल, न्यूक्लियस मॉल, स्प्रिंग सिटी मॉल (हिनू), डोरंडा बाजार, अटल वेंडर मार्केट, पैंटालूंस (लालपुर के समीप), रिलायंस मॉल (कांके रोड), मोराबादी मैदान एवं एजी मोड़ आदि जगहों पर संचालित किए जा रहे है।

” माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर वर्ष 2020 में शुरू किया गए इस “पलाश ब्रांड” के जरिए हम ग्रामीण महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को बाजार तक पहुंचा रहे हैं। पलाश हर्बल अबीर का उत्पादन ना केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल भी मिल रहा है। पलाश ब्रांड के माध्यम से उनके उत्पादों को एक नई पहचान मिली है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा भी मिल रहा है। इस वर्ष जेएसएलपीएस द्वारा 8 मार्च से 13 मार्च तक सभी जिलों के प्रमुख केंद्रों में स्टॉल लगाए गए है, जहां ‘पलाश हर्बल गुलाल’ के साथ-साथ पलाश रागी लड्डू, हैंडमेड चॉकलेट, कुकीज़ आदि उत्पादों की बिक्री की जा रही है।” – कंचन सिंह ,सी.ई.ओ, जेएसएलपीएस

पलाशहर्बलगुलाल के साथ ही स्टॉल पर महिलाएं हैंडमेड चॉकलेट, रागी लड्डू, नमकीन जैसे शुद्ध उत्पादों की भी बिक्री कर रही हैं। आइए, इस होली हम सभी पलाश उत्पादों की खरीदारी कर इन ग्रामीण महिलाओं का हौसला बढ़ाएं!

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