जमशेदपुर:झारखंड सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।स्कूली शिक्षा विभाग के मंत्री रामदास सोरेन ने फीस बढ़ोतरी, दोबारा एडमिशन के नाम पर पैसे वसूलने और अभिभावकों को सिर्फ निर्धारित दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों पर 50,000 रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस को लेकर शिक्षा मंत्री के निर्देश के बादपूर्वी सिंहभूम के जिला शिक्षा अधीक्षक ने 78 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों से अलग- अलग बिंदुओं पर तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। फीस बढ़ोतरी को लेकर जारी नोटिस में 78 स्कूल प्रबंधकों से स्कूल के पिछले 3 साल की ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी सौंपने को कहा गया है।जारी नोटिस में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकार अधिनियम 2017 के अनुसार स्कूल परिसर में किताब या अन्य स्कूली सामग्रियों को बेचना अनुचित है। स्कूल परिसर या किसी खास दुकान से शिक्षा सामग्री लेने के लिए स्कूल प्रबंधन छात्र या उनके अभिभावक को प्रेरित या बाध्य नहीं कर सकता है।दो साल में 10 फीसदी ही स्कूल फीस की बढ़ोतरी कर सकते , अगर 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होती है तो समिति से सहमति लेनी पड़ेगी।




