Jharkhand: सूत्रों ने बताया की महुआ मोइत्रा से जुड़े कैश-फॉर-क्वेरी विवाद में एक बड़े घटनाक्रम में, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने लोकपाल के निर्देश पर तृणमूल कांग्रेस सांसद के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने एक पोस्ट में एक्स पर कहा ”यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बिना किसी पूर्णकालिक अध्यक्ष के नेतृत्वहीन लोकपाल ने मेरे मामले को सीबीआई को कैसे “रेफर” कर दिया।3/11/23 की आरटीआई कहती है कि मई 2022 से लोकपाल का कोई अध्यक्ष नहीं है और 8 में से 3 सदस्य पद भी खाली हैं!हो सकता है कि पिटबुल एसोसिएशन की झारखंड शाखा भी भाजपा के अधीन लोकपाल समिति के रूप में काम कर रही हो।”
जवाब में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा ”भ्रष्टाचार की आरोपी,कुछ पैसे के लिए ज़मीर बेचने वाली सांसद बौखला गई है,झारखंड का भूत,भविष्य,वर्तमान इसको पता नहीं है,यह पूरे झारखंडी को कुत्ता कह रही है ।झारखंड ने 1776 में तिलक माँझी,1855 में सिदो-कानो,1890 में भगवान बिरसा मुंडा,राजनारायण बोस,महर्षि अरविंद,ईश्वरचन्द्र विदयासागर,नज़रुल इस्लाम,श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में देश को आज़ाद कराया,सबका घर झारखंड है।महान वैज्ञानिक,जेसी बोस,बीरबल साहनी व अर्थशास्त्री महालनोबिस सभी का इतिहास झारखंड से जुड़ा है ।आज भी इस देश का 50 प्रतिशत खनिज हमारे यहाँ है।चोरी पकड़ में आ गई तो गाली-गलौज,काश कुछ संस्कार बंगाल के भद्रलोक से सीखा होता। झारखंडी को हमेशा चोरों को सबक़ सिखाने का शौक़ है,इंतज़ार करिए”
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर पोस्ट किया ”महुआ मोइत्रा जी को झारखंड के बारे में घटिया शब्दों का इस्तेमाल करने से परहेज़ करना चाहिए। जानकारी का अभाव है या घबराहट? ये तो बाद में पता चलेगा। लेकिन चीखने, चिल्लाने और गलथेथरयी करने से कोई अपने अपराध से मुक्त नहीं हो जाता। महुआ जी को जॉंच और क़ानून का सम्मान करना चाहिए। अगर ग़लत नहीं होंगी तो कोई क्या बिगाड़ लेगा। पर अपराध कर गुजरी होंगी तो सबसे पहले आदरणीय ममता बनर्जी ही उन्हें कान पकड़ कर बाहर का रास्ता दिखलाने का साहस ज़रूर दिखायेंगी।”



