झारखण्ड : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने रिम्स अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद कहा है कि झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की हालत काफी बेहाल है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देखा कि अस्पताल में कई कमरे बंद और मशीनें बेकार पड़ी हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए इन कमरों को खोलने और मशीनों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने देखा कि कई जगह फर्श टूटे हुए हैं और मरीजों के लिए पर्याप्त बेड नहीं हैं। इसपर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। रिम्स निदेशक ने माना है कि अस्पताल में बेड की कमी है, मंत्री के निर्देश पर उन्होंने कहा है कि अस्पताल में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
मंत्री जी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए जो रोडमैप तैयार किया गया है, उसका सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी का सपना है कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाया जाए। मैं इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। कल ही मुख्यमंत्री जी से लंबी वार्ता हुई थी, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्हीं निर्देशों के तहत आज रिम्स का निरीक्षण किया गया।”आगे मंत्री जी ने कहा, “मैं स्वयं एक डॉक्टर हूं और मेरा कर्तव्य है कि झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से बदलकर ही दम लूंगा।” उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि अस्पताल प्रबंधन को दुरुस्त कर मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जाएंगी।मंत्री जी ने कहा कि रिम्स 2 परियोजना, जिसकी लागत 1078 करोड़ रुपये है, को स्वीकृति मिल गई है। यह झारखंड के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने रिम्स दिया था, और अब हमारी सरकार झारखंड की जनता को रिम्स 2 दे रही है। इससे मरीजों को अत्याधुनिक और बेहतर इलाज मिलेगा और रिम्स पर भार कम होगा।”




