दो दिन पहले ED से नोटिस मिलने के बाद अपने ही घर में ही आ*त्महत्या करने वाले रांची के कृष्णकांत सिन्हा के बारे में ED ने कई अहम् जानकारी सामने लाई है. रांची के अलग-अलग इलाकों में कोलकाता से पेपर तैयार करके सैकड़ों एकड़ जमीन बेच दी थी कृष्णकांत ने सीएनटी नेचर की जमीन को जनरल बनाकर बेचने वालों के इस सिंडिकेट में कई लोग शामिल हैं. रांची के कोकर में सीएनटी नेचर की 50 एकड़ से ज्यादा जमीन कोलकाता के पावर ऑफ एटॉर्नी के आधार पर बेची गयी है. इस डील में प्रियरंजन सहाय,अफसर अली के अलावा कृष्णकांत सिन्हा भी शामिल थे.लैंड स्कैम की अब तक हुई जांच में यह जानकारी सामने आयी है कि शहर की करीब 500 एकड़ से ज्यादा जमीन का कोलकाता से पेपर तैयार किया जा चुका है.और सीएनटी भूमि को जनरल बनाकर बेचने में कुछ यहां के सफ़ेद वर्दी पहने हुए लोगो का भी हाथ है. ED इसकी जांच कर रही है.कोलकाता से जो पेपर तैयार की जाती थी उसमे वर्ष 1940 से लेकर 1970 के बीच खरीद-बिक्री की कहानी गढ़ी गयी है. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उस समय ज्यादातर दस्तावेज हाथ से ही लिखे जाते थे. कोलकाता में तैयार डीड फर्जी न लगे, इसके लिए सबसे पहले वैसे लोगों से डीड लिखवायी गयी, जो इस काम में एक्सपर्ट थे. इसके बाद कोलकाता के रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस कार्यालय में उसकी इंट्री भी कर दी गयी. ताकि जब कोई व्यक्ति डीड नंबर के बारे में पता लगाना चाहे तो वह संतुष्ट हो जाये.और जमीन को खरीदने में ज्यादा परेशान न करे.




