झारखंड विधानसभा चुनाव में झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन की गठबंधन पार्टी ने बहुमत हासिल करते हुए बीजेपी सरकार को सत्ता से उखाड़ दिया है। झारखंड में हेमंत सोरेन के प्रशंसक उन्हें बुके भेजकर रहे हैं. ऐसे में हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपने प्रशंसकों और जनता से अलग अंदाज में अपील की है कि उन्हें बुके की बजाय बुक भेजें.
झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन ने ट्वीट में लिखा, “साथियों, मैं अभिभूत हूं आप झारखंडवासियों के प्यार एवं सम्मान से. पर मैं आप सबसे एक करबद्ध प्रार्थना करना चाहूंगा कि कृपया कर मुझे फूलों के ‘बुके’ की जगह ज्ञान से भरे ‘बुक’ मतलब अपने पसंद की कोई भी किताब दें. मुझे बहुत बुरा लगता है कि मैं आपके फूलों को सम्भाल नहीं पाता.” उन्होंने अपने एक और ट्वीट में लिखा, “आप अपने द्वारा दिए गए किताबों में अपना नाम लिख कर दें ताकि जब हम आपकी किताबों को सम्भाल एक लाइब्रेरी बनवाएंगे- और आपका प्रेम भरा यह उपहार हमेशा हम सभी का ज्ञानवर्धन करेगा.” झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब किसी से महंगे फूलों के गुलदस्ते भेंट में नहीं लेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है वो उन्हें गुलदस्ता गिफ्ट करने की जगह किताबें भेंट करें।
हेमंत सोरेन ने उस रिपोर्ट के सही बताया जिसमें उन्होंने लोगों को गुलदस्ते के बजाए किताबें उपहार में देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हां, मैंने यह फैसला किया क्योंकि लोग गुलदस्ता देते हैं। महंगे भी होते हैं। मैंने निर्णय लिया लोग जो किताब मुझे देंगे मैं उससे एक पुस्तकालय बनाउंगा ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पद चिन्हों पर चलते हुए जनता से अपील की कि वह विभिन्न आयोजनों में सम्मान के निशान के रूप में लोगों द्वारा दिए गए फूलों या शॉल पर किताबें पसंद करेंगे । सिद्धारमैया ने ट्विटर पर कहा, “मैंने उन लोगों से फूल या शॉल स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है जो अक्सर इसे सम्मान के निशान के रूप में देते हैं। यह व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों कार्यक्रमों के दौरान होता है। लोग अगर अपने प्यार का इजहार करना चाहते हैं तो किताबें दे सकते हैं।” और उपहार के रूप में सम्मान। आपका सारा प्यार और स्नेह मुझ पर बना रहे।”



