Jharkhand: गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक्स पर जानकारी दी”आज ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर नई दिल्ली के बांसेरा उद्यान में भगवान बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मोदी सरकार द्वारा सराय काले खां चौक का नाम बदलकर ‘भगवान बिरसा मुंडा चौक’ करने का निर्णय भी लिया गया। जल, जंगल, और जमीन की रक्षा को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले धरती आबा ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि कैसे स्वसंस्कृति और मातृभूमि के लिए समानांतर योगदान दिया जा सकता है। उनकी यह भव्य प्रतिमा मातृभूमि के प्रति उनके त्याग व बलिदान की साक्षी बनकर भावी पीढ़ी को प्रेरणा देती रहेगी”
झामुमो ने आज एक्स पर इसे अपमान बताया है ”दिल्ली शहर के छोटी सी चौक का का नाम भगवान बिरसा मुंडा जी पर रखना आदिवासियों का अपमान करना है झामुमो का कहना है कि दिल्ली में किसी विशेष स्थान का नाम उनके नाम पर होना चाहिए था। झामुमो ने एक्स पर लिखा “दिल्ली शहर के बाहरी कोने पर एक छोटी सी चौक का नाम हमारे भगवान बिरसा पर रखना देश के सारे आदिवासियों का अपमान है। क्या दिल्ली में हमारे भगवान के प्रतिष्ठा के मुताबिक जगह नहीं थी ? यह अपमान है अपमान”
बाबूलाल मरांडी ने की सराहना ”दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखना, धरती आबा को सच्ची श्रद्धांजलि है।विपक्ष ने दशकों तक झारखंड के आदिवासी वीर सपूतों की विरासत को अनदेखा किया। हमारे जननायकों के गौरवशाली इतिहास को दबाने का प्रयास किया गया।लेकिन अब, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन और बिरसा मुंडा जी के योगदान को राष्ट्रव्यापी पहचान मिलना, हमारे आदिवासी समाज के सम्मान का प्रतीक है।आज देश का हर बच्चा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरक गाथा से परिचित होगा।जय बिरसा, जय झारखंड!”




