Jharkhand government’s first priority to provide rights to poor and deprived
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो गया। पहले दिन राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासियों, दलितों व वंचितों को उनका अधिक दिलाया है और आगे भी इसका प्रयास जारी रहेगा। विपक्ष ने पूरे भाषण के दौरान शांति बनाए रखी। आमतौर पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते समय टोका टाकी होती है।
जनहित में निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेगी सरकार
राज्यपाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि सभी सदस्य लोकतंत्र के इस मंदिर में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से रखकर झारखंड के चहुंमुखी विकास में अपनी भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने क कि राज्य सरकार ने जनता से जो कहा, वह किया है। वह जनहित में निर्णय लेकर उसे लागू करने में पीछे नहीं हटेगी। राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों को हक दिला कर उनका सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। अगर मन में प्रदेश को आगे ले जाने का जुनून हो, निर्णयों में दूरदर्शिता हो, इरादों में ईमानदारी हो तो सशक्त झारखंड का सपना साकार हो सकता है। इसी लक्ष्य के साथ सरकार सेवा भाव को केन्द्र में रख कार्य कर रही है। सरकार बिना एक क्षण गंवाए प्रदेश की उन्नति के लिए कार्य कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार के दूरदर्शी निर्णय से कोरोना की तीसरी लहर कहर नहीं बन पाई। कोरोना में सरकार ने अर्थव्यवस्था को भी पटरी से नहीं उतरने दिया। कोरोना काल में देश का आर्थिक विकास – 6.6 प्रतिशत रहा जबकि झारखंड में यह – 5.5 प्रतिशत दर्ज हुआ। महामारी के काल में झारखंड में प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 71,071 रुपये थी जो 2021-22 में 78,660 हो गई।
Jharkhand government’s first priority to provide rights to poor and deprived
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