मणिपुर राज्य में 3 मई से इम्फाल घाटी में केंद्रित बहुसंख्यक मैतेई और पहाड़ियों पर कब्जा करने वाले कुकी लोगों के बीच जातीय झड़पें हो रही हैं।हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.यहां दो महिलाओं को नग्न कर उनकी इलाके में परेड निकाली गई। 4 मई को हुई इस घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद राज्यभर में लोग आंदोलन कर रहे हैं। सड़क से संसद तक इस मामले पर हंगामा मचा है।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने और मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले में क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है। इसी बीच झारखण्ड सीएम ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मणिपुर में हुई निंदनीय घटना से जुड़े वीडियो पर सीएम ने आज अपने वक्तव्य में कहा एक तरफ देश को विश्वगुरु बनाने की बात हो रही, दूसरी तरफ मणिपुर से भयानक मंजर देखने को मिल रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आज मणिपुर में बीरेन सिंह सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में 170 लोगों के जीवन की रक्षा करने और महिलाओं की गरिमा को बचाने में विफलता के लिए सिंह के खिलाफ हत्या और बलात्कार का मामला दर्ज करने की मांग की।पार्टी के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी के हरमू कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मांग उठाई और कहा कि एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना ने देश की 140 करोड़ आबादी को शर्मसार किया है और इसके लिए बीजेपी की डबल इंजन सरकार जिम्मेदार है.उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर हिंसा पर अपनी चुप्पी तब तोड़ी, जब 77 दिनों तक जातीय संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई महिलाओं की जिंदगियां और सम्मान खतरे में पड़ गए और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।झामुमो नेता ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे का राजनीतिकरण करने और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों से गंभीरता से निपटने का आह्वान करते हुए यूपी, गुजरात और मध्य प्रदेश का उल्लेख नहीं करने के मोदी के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई।



