झारखण्ड विधानसभा चुनाव में सिल्ली से सुदेश महतो हार गए। जबकि आजसू का इस क्षेत्र में अपना कामकाज और पैठ है। ऐसे कई प्रत्याशी हैं जिनकी हार पर लोगों ने दुःख जताया है।मंत्री मिथिलेश ठाकुर की गढ़वा सीट पर हार के बाद कई लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने इलाके में काम किया लेकिन उन्हें हार मिली, एक्स पर एक यूजर दामोदर राम लिखते हैं “बहुत ही दुख की बात है गढ़वा में इतना काम होने के बावजूद भी मिथलेश ठाकुर हार गए। आजादी के इतना बाद विकास नहीं हुआ था कि जितना तीन साल में हुआ फिर भी गढ़वा के जनता ने धर्म के नाम पर वोट दे दिया आपका काम भविष्य याद किया जाए”एक यूजर कार्तिक लिखते हैं “झारखंड के पिछड़ेपन की एक निशानी ये भी है।”एक्स पर एक यूजर कृष्णा सिन्हा लिखते हैं “सही बोले। गिरिडीह में भी सुदिव्य कुमार सोनू जी ने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया था लेकिन बहुत मशक्कत करनी पड़ी जीतने के लिए। एक हज़ार से भी कम का मर्जिन रहा।”एक यूजर अंसारी खुर्शीद लिखते हैं “विनोद कुमार सिंह जी भी इलाके में काम किया लेकिन हार गये”वहीं कितनों का ये भी कहना है कि हारने वालों ने अच्छा काम नहीं किया है। एक यूजर संजीत ठाकुर लिखते हैं “अपने इलाके में बहुत काम किया था! ऐसा कहना गलत है। जाके इलाके में आपको ग्राउंड रिपोर्ट करने की जरूरत है” ।




