नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने झारखण्ड के 8 लाख लाभुकों का माँगा हक

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वामपंथी उग्रवाद पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित Left Wing Extremism को लेकर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। सीएम ने कहा राज्य सरकार का भारत सरकार के खनन कंपनियों पर करीब एक लाख छत्तीस हजार करोड़ रूपये बकाया है जिसे उनके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। आपसे अमित शाह आग्रह है कि मिनिस्ट्री ऑफ़ माइंस को यथाशीघ्र इस बकाया का भुगतान करने का निर्देश निर्गत करें .झारखण्ड में विकास के निमित्त बैंकों का अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है जो राज्य के CD Ratio मात्र 45% होने से परिलक्षित होता है जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 67% है। बैंकों के इस असहयोगात्मक रूख से राज्य की जनता लाखों करोड़ रूपयों के निवेश के लाभ से वंचित हो रही है .इसके विपरीत राज्य के एसटी समुदाय के अभ्यर्थियों को छोटे ऋण की सुविधा भी बैंकों के द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है मेरा अनुरोध है कि सभी बैंकों को राज्य को अपेक्षित सहयोग प्रदान करने का निर्देश करें, जिससे कि उग्रवाद की समस्या पुनः यहां नहीं पनप सके.आपसे अनुरोध है कि खनन मंत्रालय को झारखण्ड सरकार की आपत्ति को संज्ञान में लेते हुए मार्गनिर्देशिका में किसी भी प्रकार के परिवर्तन नहीं करने का निर्देश निर्गत करें .प्रधानमंत्री आवास योजना की ओर आप का ध्यान आकृष्ट कराना चाहूँगा। झारखण्ड में अभी भी करीब 8 लाख सुयोग्य लाभुक इस योजना के लाभ से वंचित हैं। Ministry of Rural Development, Government of India अनुरोध के बाद भी सकारात्मक निर्णय नहीं ले रहा है।आग्रह है, झारखण्ड के इन 8 लाख लाभुकों को उनका हक दिलाया जाए .12 अक्टूबर 2022 को जिला प्रशासन द्वारा बुढ़ा पहाड़ में “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 27 जनवरी, 2023 को मैंने बुढ़ा पहाड़ जा कर ग्रामीणों से बातचीत की। वहां के छह पंचायत में विकास कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है.राज्य के बुढ़ा पहाड़ को नक्सलियों ने अपना आश्रय बना रखा था। यह क्षेत्र राज्य सरकार की पहुंच से बाहर था। लेकिन केन्द्र सरकार के सहयोग से इस क्षेत्र को नक्सलियों से मुक्त करा लिया गया है। वहाँ पुलिस कैम्प की स्थापना की गयी है.उग्रवाद की समस्या की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक है कि इन क्षेत्रों में विकासोन्मुखी योजनाएं व्यापक पैमाने पर चलायी जाए, जिसके लिए राज्य को संसाधन की आवश्यकता पड़ेगी .झारखण्ड में उग्रवाद की समस्या में कमी आयी है, परन्तु इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति जारी रखने की जरुरत है। राज्य में प्रतिनियुक्त IG CRPF का कार्यकाल कम से कम 3 वर्ष रखा जाय, ताकि नक्सल अभियान में निरंतरता बनी रहे.

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