झारखंड: राज्य के सभी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं।पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्यभर में 28,053 चापाकलों की शिकायतों में से 27,361 की मरम्मत कर, 98% के करीब सफलता मिली है। यह रिपोर्ट 16 मार्च को जल जीवन मिशन के निदेशक की समीक्षा रिपोर्ट में आई है।रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा रांची पश्चिम प्रमंडल में चापानल खराब है। यहां 2.299 शिकायतें दर्ज की गई। 100% मरम्मत की गई। दूसरे स्थान पर गोड्डा प्रमंडल है। यहां भी 100% लक्ष्य पाया गया। तीसरे स्थान पर मेदिनीनगर प्रमंडल है, जहां 1254 शिकायतें मिली, जिसमें 1243 को ठीक कर दिया गया।पेयजल विभाग का लक्ष्य मार्च के अंत तक शत-प्रतिशत शिकायतों का निपटारा करना है, ताकि अप्रैल-मई की भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना न पड़े।विभाग के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने कहा है कि,यह कार्य आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शेष चापाकलों की मरम्मत भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण की जा रही है, ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो सके।जनहित में सरकार की यह पहल निरंतर जारी रहेगी।




