भाजपा की केंद्र सरकार का दोहरा चेहरा

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anurag gupta

UP: तीसरी बार भेजे गए अपने पत्र में केंद्र ने हेमंत सरकार से कहा है कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें डीजीपी के पद पर बैठाया जाना असंवैधानिक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को फिर निर्देशित किया है कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद से हटाएं। जबकि झारखंड सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति को लेकर 8 जनवरी 2025 को नया नियम बनाया है और उसके अनुरूप उन्हें डीजीपी के पद पर नियमित पदस्थापन करते हुए दो फरवरी से दो साल की अवधि के लिए सेवा विस्तार दे दिया।

एक तरफ भाजपा की केंद्र सरकार अनुराग गुप्ता के असंवैधानिक बताया है तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार का नया ही चेहरा देखने को मिला है।

हरियाणा में भाजपा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) बिना सेवा विस्तार के पद पर नियुक्त हैं। उन्हें अक्तूबर 2024 के बाद से सेवा विस्तार नहीं मिला है। आरटीआई से इसका खुलासा हुआ है। गजेंद्र फोगाट पिछले 7 महीने से अवैध रूप से नियुक्त हैं। बिना सेवा विस्तार वह सारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, 1 लाख की सैलरी हर महीने ले रहे हैं।

हाल ही में केंद्र सरकार ने इंटेलीजेंस ब्यूरो या खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका को एक साल का सेवा विस्तार दिया है। यह उनका दूसरा सेवा विस्तार है।
आईबी चीफ से पहले केंद्र सरकार ने सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद को भी एक साल का सेवा विस्तार दिया।ध्यान रहे सीबीआई के निदेशक का पद भी दो साल के लिए होता है। निर्धारित कार्यकाल वाले पदों पर भी सेवा विस्तार दिए जाने से अधिकारियों में निराशा होती है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में DGP सुलखान सिंह को भी रिटायरमेंट से ठीक पहले तीन माह का सेवा विस्तार मिला। इसके पूर्व वर्ष 1983 में तत्कालीन डीजीपी श्रीश चंद्र दीक्षित को सेवा विस्तार मिला था।

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