Hemant Sarkar’s fear on fake people, 52 fake teachers resigned out of fear
राज्य में लगातार भ्रष्टाचारियों पर हेमन्त का डंडा चल रहा है , राज्य में लगभग 44,500 सहायक शिक्षक (पारा शिक्षकों) के सर्टिफिकेट की जांच कंप्लीट हो गई है जिसमे 48 शिक्षको के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए है इनके सर्टिफिकेट वैध नहीं है और इन फर्जी सर्टिफिकेट धारियों की संख्या ओर भी बढ़ने के अनुमान है I राज्य भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से झारखण्ड शिक्षा परियोजना रिपोर्ट संग्रह कर रहा है जिसमे जिसमे 48 शिक्षको के दस्तावेज फर्जी पाए गए है फिलहाल इनकी पहचान अभी सामने नहीं लाई गई है वहीं 52 शिक्षको ने पहले ही डर से इस्तीफा दे दिया है I सूत्रों के मुताबिक योग फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी का लाभ ले रहे थे जब सरकार एक्शन में आई तो इन्होंने इस्तीफा दे दिया I इन पर एफआईआर करने की तैयारी चल रही है साथ ही साथ ही पिछले 20 वर्षों से पर शिक्षक की नौकरी करने वाले इन अध्यापकों ने जो सरकार से अब तक जो मानदेय लिया है उसकी भी वसूली की जाएगी I
जांच की प्रक्रिया में सत्यापन हेतु सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया हुई समाप्त
सत्यापन हेतु सहायक शिक्षको को बीते सोमवार तक सर्टिफिकेट जमा करने के आदेश दिए गए थे जो कि समाप्त हो चुकी है और सैकड़ों शिक्षको ने प्रमाण पत्र जमा नही कराया है I ऐसे अध्यापकों की एक सूची तैयार की जा रही है और इस सप्ताह के अंत तक यह साफ हो जाएगा कि 62318 अध्यापकों में से कितने ने अपना दस्तावेज जमा नही कराया है और अगर इनके ओर से संतोषमुक्त उत्तर नही आता है तो इसी वर्ष के 31 दिसंबर तक इन्हे कार्यमुक्त भी कर दिया जाएगा तथा आगे की कार्रवाई भी की जायेगी I आपको बता दे कि सहायक अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से मिलकर शिक्षको के प्रमाण पत्र की शीघ्र जांच करने का आग्रह किया था और इसी दिशा में यह कार्रवाई चल रही है I
Hemant Sarkar’s fear on fake people, 52 fake teachers resigned out of fear
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