हर चुनौतियों का करके सामना हेमन्त बना रहे अव्वल झारखण्ड

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Facing every challenge, Hemant remained top Jharkhand

2019 में महागहठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह स्थल से ही विरोधियों द्वारा कहा जाने लगा सरकार गिर जायेगी , सरकार नही चलेगी , चार दिन की है सरकार , भाजपा नही टिकने देगी , बस 2 महीने का इंतजार , और 1 महीने , झारखंड में कुछ बड़ा होने वाला है , झारखंड में बम फटने वाला है , कोई अंदर की बात बताता है , कोई सूत्रों का हवाला देता है , कोई अपने बड़े कॉन्टैक्ट बताता है , हर कोई जिसे देखो वह राजनीतिज्ञ बन बैठा है , हर कोई दावा करता नजर आएगा बस ओर कुछ दिन , इस तरह की अटकलें आप भी अक्सर सुनते होंगे लेकिन ऐसा कुछ हुआ तो नही अब तक , हां कुछ चुटपुटिए पटाखे छूटे जरूर है I

झारखंड में ऐसा नहीं है की ट्राई नही लिया गया है , ट्राई तो लगातार चल रहा है लेकिन जनता के प्यार और समर्थन के आगे हेमंत सरकार का कुछ हो नहीं पा रहा बल्कि वह तो मुसीबतों ओर विषम परिस्थितियों से टकराकर और भी ज्यादा प्रभावशाली और बलशाली होकर सामने आ रहे है और अपने शत्रुओं को मुंह तोड़ जवाब दे रहे है , और ये जवाब जो है वह सिर्फ मुंह से नही अपने कामों से दे रहे है , काम और वादों की बात करे तो हेमंत सरकार इस कोरोनाकाल के भयावह दौर से गुजरी है ओर इस समय भी झारखंड का पूरे भारत में सफल नेतृत्व की है वह भी दूसरे राज्यों के मुकाबले सबसे कम संसाधनों के बावजूद , अपने प्रवासी भाईयो को घर वापस लाने में सबसे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ही पहल की है , सबसे पहले झारखंड ने ही अपने मजदूर भाईयो के लिए ट्रेन चलाया उसके बाद टूटे और फटे हुए हवाई चप्पलों को पहनने वाले को हवाई यात्रा भी हेमन्त सरकार ने ही कराई , कोरोना से सबसे कम प्रभावित जनसंख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से अगर कोई राज्य था तो वह झारखण्ड ही था , इन सबके बीच जैसे जैसे कोरोना का प्रभाव कम होता गया , वैसे वैसे राज्य की विकासशील योजनाओं को भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लागू किया जाता रहा , यही नहीं इन योजनाओं को सरकार आपके द्वार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारी गांव गांव घर घर में एक एक व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचने का भी काम करते रहे , सभी वर्ग के लोगो का खयाल रखा गया , फिर चाहे वह गरीब किसान हो , युवा हो , छात्र हो , महिला हो वृद्ध हो या वृद्धा हो , आए दिन नए नए सौगात झारखंड को लगातार दिए गए I

योजाओं के अलावा वादों को भी पूरा करने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोई कसर नहीं छोड़ी , वादों की अगर बात करे तो पारा शिक्षक , आंगनबाड़ी सेविका , पुरानी पेंशन योजना , 1932 , सरना धर्म कोड, ओबीसी आरक्षण , और भी कई वादे जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लाइन बाई लाइन पूरा करते दिखे इसी वजह से आप देखते होंगे कि आए दिन लोगो का हुजूम मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय या फिर सचिवालय में पहुंचकर उन्हें आभार व्यक्त करता दिखता है I खुशियां बांटते दिखता है , पुराने दर्द को बयां करते दिखता है I इन सबके बीच कई बार सरकार में उठा पटक की बात भी सामने आई लेकिन यही जनता ढाल की तरह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने खड़ी हो गई I धीरे धीरे झारखंड ने जिस तरह विकास की गति पकड़ी है उससे तो लगता है कि जल्द ही झारखण्ड देश के अव्वल राज्यो में भी गिना जाएगा I

Facing every challenge, Hemant remained top Jharkhand

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