दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ममता बनर्जी एक तरफ मंदिर के कार्यक्रमों में दिखती हैं, तो दूसरी तरफ बंगाल की धरती पर बाबरी मस्जिद जैसी संरचनाओं के निर्माण को मौन स्वीकृति दे रही हैं. यह सीधे तौर पर हिंदू वोटों को लुभाने और तुष्टीकरण की दोहरी राजनीति है.
अमित शाह ने कहा,पंचायत के चुनाव में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, कई लोग मौत के घाट उतार दिए गए, कई लोग अपाहिज हुए, कई लोग आज तक घर नहीं लौटे।ममता दीदी को लगता है कि इनके इस अक्रांत से भाजपा वाले डर जाएंगे।मगर मैं आज मथुरापुर से कहकर जाता हूं कि एक बार यहां भाजपा की सरकार बना दीजिए।हम ममता बनर्जी के गुंडों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे।एक-एक को चुनकर जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।बंगाल की सरकार के सभी कर्मचारियों ने 15 साल तक ममता बनर्जी की सरकार की बहुत मदद की।मगर जिन्होंने 15 साल मदद की, उन कर्मचारियों के साथ ममता बनर्जी ने क्या किया?देश भर की सरकारों के कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग मिल चुका है, लेकिन सिर्फ बंगाल के कर्मचारियों को ही छठे वेतन आयोग की तनख्वाह मिलती है।अब तो आठवां वेतन आयोग बनने वाला है।मैं आज कहकर जाता हूं कि एकबार भाजपा सरकार बना दो, 45 दिन में ही हम सातवें वेतन आयोग की तनख्वाह देने का काम करेंगे।
अमित शाह ने कहा,ममता बनर्जी का उद्देश्य बंगाल की जनता का कल्याण नहीं है।बंगाल की जनता के कल्याण की जगह उनको अभिषेक बनर्जी का भला करना है।वो अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं।ये परिवर्तन यात्राएं बंगाल में परिवर्तन करने के लिए निकाली जा रही हैं। कल ममता दीदी कह रही थी कि ये तो सत्ता प्राप्त करने की यात्रा है।ममता दीदी, परिवर्तन शब्द से हमारा मतलब मुख्यमंत्री बदलना नहीं है, वो तो बंगाल की जनता बदलेगी ही।परिवर्तन यात्रा का मतलब है- घुसपैठ से मुक्त बंगाल बनाना, भ्रष्टाचार से मुक्त बंगाल बनाना।




