रांची: गिरफ़्तार चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। झारखंड सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से वीरेंद्र कुमार राम को निलंबित कर दिया है। झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वीरेंद्र राम इस समय ईडी की हिरासत में हैं इसलिए उन्हें अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है। अधिसूचना में कहा गया है कि निलंबन की इस अवधि में झारखंड सरकारी सेवक के तहत वीरेंद्र राम को जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। हिरासत से रिहा होने के बाद पद पर वह पुन: अपना योगदान दे पाएंगे।
मालुम हो क़ि देश के 24 स्थानों दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी, रांची, सिरसा, सिवान, जमशेदपुर में भी ED ने छापा मारा था। झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के दफ्तर में भी ईडी ने छापा मारा था । यहां वीरेंद्र राम का दफ्तर था। झारखंड में पॉलिटिकल सर्किल के चहेते इंजीनियर वीरेंद्र राम के यहां ईडी का छापा पड़ने से कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में ईडी ने चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम ईडी की गिरफ्त में हैं और ईडी पूछताछ कर रही है।दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी, रांची, सिरसा, सिवान, जमशेदपुर में भी ईडी ने छापा मारा है।ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियर वीरेंद्र राम के रांची, जमशेदपुर सहित 24 ठिकानों पर छापेमारी में डेढ़ करोड़ के जेवरात, कई महंगी गाड़ियों के अलावा 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति के कागजात मिले थे।वीरेन्द्र राम के यहां ऑडी, BMW सहित एक दर्जन लग्जरी गाड़ियां, डेढ़ करोड़ के गहने तो मिले थे।साथ ही यह भी पाया गया है कि इंजीनियर वीरेन्द्र दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी, रांची के अशोक नगर, मुंबई के पॉश इलाके सहित आधा दर्जन बंगलों का मालिक है। खुलासे के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इंजीनियर वीरेंद्र राम तथा आलोक रंजन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बता दें कि साल 2019 में वीरेंद्र कुमार राम के अधीन काम करने वाले जूनियर इंजीनियर के ठिकाने से 2 करोड़ 68 लाख रुपए बरामद हुए थे। उसकी पत्नी के अनुसार पैसे वीरेंद्र राम के हैं।साल 2019 के चुनावों में वीरेंद्र राम की पत्नी को भाजपा द्वारा जुगसलाई अथवा कांके से टिकट मिलने की चर्चा चल रही थी।



