Eminent classical dancer Kanak Rele passed away
कनक रेले को भारत के सबसे आविष्कारशील शास्त्रीय नर्तकियों में से एक के रूप में जाना जाता था। दिग्गज डांसर अब नहीं रहे। कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित होने के बाद 22 फरवरी को 85 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। कनक रेले एक प्रसिद्ध मोहिनीअट्टम नृत्यांगना और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता हैं।अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिवंगत डांसर कनक रेले के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए हेमा ने एक इमोशनल नोट में लिखा’एक दुखद दिन और हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति, खासकर मेरे लिए। हमारे बीच एक प्यार और आपसी सम्मान था। पद्म विभूषण डॉ. श्रीमती. मोहिनीअट्टम नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और नालंदा नृत्य अनुसंधान केंद्र की संस्थापक कनक रेले का निधन, शास्त्रीय नृत्य की दुनिया के लिए एक महान युग का अंत है। इस दुनिया में उनका योगदान बहुत बड़ा है। कनक जी की खूबसूरती और व्यक्तित्व शाश्वत है। उनके परिवार और नालंदा के सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मैं हमेशा हमारी दोस्ती को संजोकर रखूंगी।’
प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना कनक रेले का 85 वर्ष की आयु में हो गया निधन
कनक रेले ने दिल का दौरा पड़ने के बाद 85 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उन्हें विले पार्ले श्मशान में राजकीय अंतिम संस्कार से सम्मानित किया गया। कनक रेले को उपनगरीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने सुबह करीब साढ़े सात बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 2013 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। कनक अपने पीछे पति यतींद्र रेले, बेटे राहुल, बहू और भरतनाट्यम की प्रतिपादक उमा और दो पोते-पोतियों को छोड़ गई हैं। उनका 60 साल का शानदार करियर रहा है। कनक रेले का जन्म 11 जून 1937 को गुजरात में हुआ था।
Eminent classical dancer Kanak Rele passed away
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