Dumka: गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की ससमय पहचान तथा उपचार के लिए राज्य सरकार द्वारा सकारत्मक प्रयास किये गए हैं।हिमोग्लोबोमीटर के उपयोग से कुपोषण तथा सीवियर एनीमिया से गर्भवती महिलाओं को बाहर निकालने हेतु नियमित प्रयास हो रहे हैं।ज्योत्सना, डीपीएम, यूनिसेफ दुमका ने बताया कुपोषण और सीवियर एनीमिया से जंग बहुत बड़ी चुनौती है। इससे लड़ने के लिए न सिर्फ सामूहिक प्रयास की दरकार है बल्कि स्वास्थ्य योजनाओं को सही समय पर लाभुक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है। सात या इससे कम हीमोग्लोबिन लेबल खतरनाक है। इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।दुमका जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुपोषण व एनिमिया से जंग लड़ रही गर्भवती आठ महिलाओं में बीते दो माह के अंदर दो से लेकर चार ग्राम तक हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास परियोजना के माध्यम से हो रही प्रयासों को बल मिला है। वहीं दुमका में गर्भवती महिलाओं को कुपोषण और की दिशा में हो रहे कोशिशों को यूनिसेफ ने भी आगे बढ़ाने का जोर दिया है। यूनिसेफ ने कहा गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता समेत विभिन्न स्तर पर कार्यक्रमों को आयोजित करने से सुखद परिणाम सामने आ सकते हैं।

