रांची: देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री आज झारखंड की राजधानी में खूंटी जिले में राज्य ग्रामीण विकास के लिए किए गए कार्य के बाद उठाए गए बिल के भुगतान के लिए कमीशन की मांग से संबंधित एक मामले में गवाही देने के लिए एसीबी की विशेष अदालत में पेश हुए. ।जिले के उप विकास आयुक्त के हैसियत से मामला संज्ञान में आने पर भजंत्री ने ही यह मामला दर्ज कराया था.देवघर डीसी ने अपनी गवाही में कोर्ट को बताया कि ठेकेदारों की शिकायत उनके पास पहुंचने पर उन्होंने वर्ष 2014 में कार्यपालन अभियंता शैलेंद्र मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनबाडी केंद्र के निर्माण का टेंडर एवी इंटरप्राइजेज को दिया गया था.सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ने भजंत्री के हवाले से कहा कि कंपनी ने भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 26 जून को इसे विभाग को सौंप दिया था, लेकिन कार्यपालक अभियंता ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया और भुगतान के लिए कमीशन के रूप में बिल की राशि का 20 प्रतिशत मांगा। जिसके संबंध में 20 सदस्यों की एक कमेटी ने 23 सितंबर 2014 को उनसे शिकायत की और उन्होंने इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की.



