Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अबुआ बीर दिशोम अभियान का शुभारंभ नगाड़ा बजाकर किया। राज्य में पहली बार अभियान के अन्तर्गत आदिवासी और वनों पर निर्भर लोगों को दावों के अनुरूप व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामुदायिक वन संसाधन वनाधिकार पट्टा मुहैया कराया जाएगा।सीएम ने कहा वन अधिकार अधिनियम बने हुए वर्षों हो गए। मुझे लगता है कहीं ना कहीं 20 वर्षों में या उससे पहले भी इस विषय पर विशेष ध्यान नहीं रहा। शायद यही वजह है कि आज हमें बहुत चुनौतियों के बाद वन अधिकार को एक मुहिम का शक्ल देकर उतरना पड़ रहा है.आपको अपने जिले के अंदर वहां हो रही गतिविधियों के अनुरूप, वहां के लोगों के लिए अच्छा करना है। यह सभी उपायुक्त की जिम्मेदारी बनती है। समय-समय पर इस अभियान का रिव्यू किया जाएगा। इसलिए इस विषय पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए कार्य करना है.इस कार्य में कोई कमी और लापरवाही ना हो। वन विभाग के डीएफओ, रेंज ऑफिसर से भी कहना चाहूंगा। शिकायत बहुत आते हैं। अगर एक-एक लेकर बैठा तो कितने नपे जाएंगे पता नहीं। लेकिन मैं उस स्थिति पर जाना नहीं चाहता। जो जिम्मेवारी मिली है, उसका वह पालन करे.दूसरों राज्यों को देखें जहां आदिवासियों की संख्या कम है लेकिन वहां पर अधिकार के तहत वन पट्टों का बहुतायत में वितरण हुआ है।उन राज्यों में भी यहाँ की तरह अधिकारी हैं लेकिन काम करने में यह अंतर क्यों आता है, यह समझ से परे है। ऐसा नहीं कि आपमें क्षमता नही है। बहुत सारे काम हम लोग मिलकर सफलतापूर्वक कर रहे हैं। इसलिए इस अभियान की गंभीरता पर भी ध्यान देना होगा। इस अभियान का समय-समय पर रिव्यू भी किया जाएगा।आप सभी इसको सरकार का प्रमुख अभियान मानकर कार्य करें। हम लोगों ने राशन कार्ड, धोती, साड़ी बांट दिया। लेकिन इस अभियान से एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं ताकि आने वाले समय में इसका असर दिखाई दे। इसे मिशन मोड में पूर्ण करें .



