झारखंड के नेताओं को शनिवार शाम दिल्ली बुलाया गया है।दिल्ली दौरे पर झारखंड के सीएम चंपई सोरेन रवाना हो गए हैं.मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका ये दिल्ली का पहला दौरा है.वे कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर और सुदिव्य सोनू साथ दिल्ली गए हैं.झारखंड कांग्रेस के विधायक आज शाम की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो गए हैं.दिल्ली से फिर सभी MLA जयपुर की यात्रा करेंगे.कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक नाराज विधायक दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे. चंपई सोरेन की नई सरकार की कैबिनेट विस्तार में मंत्री नहीं बनाए जाने से कांग्रेस के 12 विधायक नाराज हैं. नई सरकार में नए चेहरों को मौका देने को लेकर कांग्रेस में मतभेद उभर आया है. मंत्रिमंडल में कांग्रेस से आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल को फिर से मंत्री बनाये जाने पर कांग्रेस के कई विधायकों ने खुलकर विरोध किया है.झारखंड कैबिनेट विस्तार पर कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा, “हमने कैबिनेट विस्तार होने से पहले ही अपने विचार रख दिए थे… हमारी मांग थी कि अगर नई सरकार बन रही है और कैबिनेट में फेरबदल हो रहा है तो नए चेहरों को मौका देना चाहिए था…”माण्डर विधायक नेहा तिर्की ने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल होना चाहिए। हमलोगों ने अपनी भावनाओं को लेकर आलाकमान को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि जो आश्वासन दिया गया था, उसे पूरा किया जाए।जेएमएम विधायक बैद्यनाथ राम भी मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से नाराज हैं। उन्होंने बताया-मुख्यमंत्री ने घर पर बुलाया और कहा कि कांग्रेस का बहुत दबाव है. बता दें कि झारखंड विधानसभा में गठबंधन दलों के पास 47 विधायक हैं। जेएमएम के 29, कांग्रेस के 17 और आरजेडी का 1 विधायक है।



