सरायकेला: सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदले जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड के महान वीरों और आंदोलनकारियों के नाम से जुड़े भवनों, स्टेडियमों और संस्थानों के नाम हटाना उचित नहीं है।चंपई सोरेन ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिदो-कान्हू, बाबा तिलका मांझी, वीर पोटो हो और वीर तेलंगा खड़िया जैसे महान योद्धाओं से प्रेरणा लेकर ही झारखंड आंदोलन को आगे बढ़ाया गया था। ऐसे में इन वीरों के नाम को किसी भवन, स्टेडियम या संस्थान से हटाना उचित नहीं होगा।उन्होंने कहा कि यदि सरकार गुरु जी को सम्मान देना चाहती है, तो उनके नाम पर नए निर्माण कार्य किए जा सकते हैं। इसके अलावा जमशेदपुर जैसे शहर का नामकरण भी उनके नाम पर किया जा सकता है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के नाम को हटाकर किसी स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं होगा। उन्होंने इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि झारखंड के महानायकों की पहचान और उनके योगदान से जुड़े नामों को संरक्षित रखा जाना चाहिए।चंपई सोरेन के इस बयान के बाद स्टेडियम के नामकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।




