यूट्यूबर मनीष कश्यप पर तमिलनाडु पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए (NSA) के तहत मामला दर्ज किया है।मनीष कश्यप पर बिहार के मजदूरों पर तमिलनाडु में हमले किए जाने के फेक वीडियो पोस्ट करने और झूठी अफवाहें फैला कर, राज्य की छवि बिगाड़ने का आरोप है।हालांकि यूट्यूबर मनीष कश्यप ने खुद पर लगे आरोपों को मनीष ने राजनीतिक बताया है उनका कहना है कि उन्हें कानून और बिहार पुलिस पर पूरा भरोसा है लेकिन बिहार के नेताओं पर नहीं. खुद पर लगे आरोपों को मनीष ने राजनीतिक बताया था.बता दें कि NSA के तहत संदिग्ध व्यक्ति को तीन महीने तक बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर अवधि तीन-तीन महीने के लिए बढ़ाई जा सकती है. हिरासत में रखने के लिए संदिग्ध पर आरोप तय करने की जरूरत भी नहीं होती. हिरासत में लिया गया व्यक्ति सिर्फ हाईकोर्ट के एडवाइजरी बोर्ड के सामने अपील कर सकता है. जब मामला कोर्ट में जाता है, तब सरकारी वकील कोर्ट को मामले की जानकारी देता है.



