झारखण्ड :झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भाजपा विधायकों ने कानून-व्यवस्था और धान के समर्थन मूल्य को लेकर जोरदार विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों से 3200 रुपये MSP का वादा किया गया था, लेकिन कैबिनेट ने केवल 2450 रुपये ही तय किया है। आज सदन में हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा ”हेमंत सरकार ने चुनाव के समय झारखंड के किसानों, युवाओं और गरीबों को सपनों का बड़ा पुल दिखाया था। वादे तो ऐसे किए थे कि अब राज्य में हर किसान खुशहाली से जी सकेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और गरीबों को उनका हक मिलेगा। लेकिन सत्ता में आते ही तस्वीर बदल गई और वादे सिर्फ कागज़ों में रह गए। सरकार ने अपने ही घोषणापत्र में कहा था कि किसानों से ₹3200 प्रति क्विंटल धान खरीदा जाएगा, लेकिन असलियत यह है कि आज सिर्फ ₹2450 में धान खरीदकर किसानों को ठगा जा रहा है।”
इसके अलावा बाबूलाल मरांडी ने कहा, M.B.B.S. की पढ़ाई के लिए मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेना बच्चों का सपना होता है। इसके लिए वे अथक परिश्रम भी करते हैं, लेकिन झारखंड में काउंसलिंग के लिए अधिकृत झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (J.C.E.C.E.Board) ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने की नीयत से गाइडलाइंस का उल्लंघन किया।सदन के माध्यम से राज्य सरकार से हमारी मांग है कि झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (J.C.E.C.E.Board) में बैठे शीर्ष अधिकारियों पर तत्काल कारवाई करें और काउंसिलिंग के दौरान बरती गई अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने का आदेश दें।




