रांची:नेशनल हेराल्ड घोटाले में रांची के एयरपोर्ट रोड में ईडी कार्यालय के बाहर सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेस के नेता कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।वहीं मामले पर आज मरांडी ने पीसी की है ।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा ” नेशनल हेराल्ड घोटाले में सोनिया गांधी और गांधी की भूमिका जगजाहिर हो चुकी है। गांधी परिवार ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग कर अपने लिए आलीशान बिल्डिंग बनवाएं हैं। ED द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस तिलमिलाहट में पूरे देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है। नेशनल हेराल्ड की आड़ में झारखंड के खजाने को भी लूटा जा रहा है। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेशनल हेराल्ड ग्रुप को सरकारी विज्ञापनों के ज़रिए अनुचित लाभ पहुंचाया है। हेमंत सरकार ने नेशनल हेराल्ड ग्रुप के दो अखबारों – नेशनल हेराल्ड ऑन संडे और संडे नवजीवन को वैसे कार्यक्रमों के सरकारी विज्ञापन दिए जो अखबार में छपने से पहले ही सम्पन्न हो चुके थे। 19 जनवरी 2024 को जो कार्यक्रम हुआ, उसका विज्ञापन 21 जनवरी की तारीख वाले अखबार में छापा गया और 9 अगस्त 2024 को जो कार्यक्रम हुआ, उसका विज्ञापन 11 अगस्त 2024 की तारीख वाले अखबार में छापा गया।अर्थात् ये विज्ञापन न तो जनता को कोई सूचना देने के लिए थे, न ही प्रचार के लिए, बल्कि एक तरह से कांग्रेस को “इंस्टॉलमेंट” देने का जरिया थे। विज्ञापन महज बहाना है, असली मकसद नेशनल हेराल्ड के जरिए कांग्रेस के खजाने में राज्य का पैसा पहुंचाना है।हेमंत सोरेन ने ये पूरा षड्यंत्र झारखंड के पैसे को कांग्रेस के खजाने में पहुंचाने के लिए रचा है। झारखंड के गरीब, किसान, युवाओं के हक़ का पैसा दिल्ली के 10 जनपथ स्थित सोनिया दरबार में हर हफ्ते किश्त के रूप में पहुंचाया जा रहा है.हेमंत सोरेन को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य का पैसा कांग्रेस तक पहुंचाने की साप्ताहिक स्कीम किसकी सलाह पर बनाई? कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड को झारखंड के खजाने से अब तक कितना भुगतान किया गया है?राज्य सरकार न्यायिक जांच का आदेश देकर इस बड़े घोटाले के रहस्य का उद्भेदन करे।”
इससे पहले मरांडी ने एक्स पर कहा ” नेशनल हेराल्ड घोटाले में जमानत पर बाहर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि अब वो धरना प्रदर्शन और केंद्र सरकार पर दबाव डालने का प्रयास कर अपने पापों को छुपा लेगी। झारखंड में हेमंत सोरेन भी भाड़े की भीड़ इकट्ठा करने और ED अधिकारियों पर फर्ज़ी मुकदमें दायर कर जमीन घोटालों की जांच प्रभावित करने का विफल प्रयास कर चुके हैं। कांग्रेस, झामुमो और राजद जैसी परिवारवादी पार्टियां भले खुद को कानून से ऊपर समझती हों, लेकिन वे बाबासाहब अंबेडकर के संविधान से ऊपर नहीं हैं। यदि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ईमानदार हैं, तो वे जांच से क्यों डर रहे हैं? सरकारी एजेंसियों को डराने की कोशिश, कानून की प्रक्रिया में अड़चनें, यह सब कुछ बताता है कि कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है।यह नया भारत है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का निडर, निष्पक्ष और न्यायप्रिय भारत… जहां हर भ्रष्टाचार का हिसाब लिया जाएगा।”




