खूंटी : आज केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने डोम्बारी बुरु (खूंटी) जाकर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की। अर्जुन मुंडा ने कहा ”नौ जनवरी,1899 को अंग्रेजों ने खूंटी के डोम्बारी बुरु में निर्दोष आदिवासियों को चारों तरफ से घेर कर गोलियों से भून दिया था।डोम्बारी में स्वतंत्रता संग्राम के लिए शहीद हुए लोगों को मेरा कोटि कोटि नमन।”इसके अलावा उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पहली बार भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसे जनजातीय गौरव दिवस मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।पहली बार देश में आदिवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य,सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए केंद्र सरकार अनेकों कार्य कर रही है। आदिम जनजातियों के लिए पी एम जन मन योजना शुरु हो रही है। 24 हजार करोड़ की इस योजना में उन्हें हर प्रकार की सुविधा देने का प्रावधान है।भारत सरकार वनाधिकार कानून लागू करने और सामुदायिक वन पट्टा देने के लिए राज्य सरकारों से लगातार संपर्क में है।आज डोम्बारीबुरु(खूंटी) जाने के क्रम में अर्जुन मुंडा बिरसा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सालेहातु, मुरहू में बच्चों से मिले। इस अवसर पर उनके अभिभावक “पद्म भूषण” कड़िया मुंडा की गरिमामयी उपस्थिति रही।अर्जुन मुंडा ने कहा ”भगवान बिरसा मुंडा जी के इस पावन भूमि पर स्थित शिक्षा के इस मंंदिर में शिक्षक समर्पित भाव से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। ज्ञान ही सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए, अच्छे से पढाई करें।खूंटी की धरती बलिदानियों की धरती है, जहां पर हजारों लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया है हमें उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना है। हमें उनके सपनों का भारत बनाना है।”



