राहुल गांधी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा चुनाव आयोग की पोजिशन सभी को साफ-साफ दिख रही है।मैंने कर्नाटक के महादेवापुरा से जुड़ा डेटा रखा और चुनाव आयोग से पूछा कि 1 लाख फर्जी वोटर कहां से आए? चुनाव आयोग का जवाब अभी तक नहीं आया।मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में ही चुनाव आयोग ने मुझसे एफिडेविट मांगा।कुछ दिन बाद BJP के अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन चुनाव आयोग ने उनसे एफिडेविट नहीं मांगा।मैंने फर्जी वोटर की बात की, अनुराग ठाकुर ने भी वही बात दोहराई, लेकिन चुनाव आयोग का उनसे एफिडेविट न मांगना दिखाता है कि चुनाव आयोग न्यूट्रल नहीं है।SIR संस्थागत वोट चोरी करने का तरीका है। बिहार में 65 लाख लोगों के नाम काटे गए, लेकिन BJP एक शिकायत नहीं कर रही है।ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्त और BJP के बीच पार्टनरशिप है।




