भारी विरोध के बाद सरकार ने संचार साथी ऐप को जरूरी तौर पर प्री-इंस्टॉल करने के अपने फैसले को वापस लिया.संचार साथी ऐप को लेकर सरकार ने आदेश दिया था कि अब यह ऐप फोन में प्री-इनस्टॉल होकर आएगा।केंद्रीय मंत्री ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया था कि यह ऐप डिसेबल किया जा सकेगा। वहीं कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए पूछा था कि ऐप डिसेबल होने के बाद भी सारे फीचर्स डिसेबल हुए या नहीं- ये बात यूजर्स को पता नहीं चल पाएगी। ऐसे में ये मामला निजता के अधिकार के उल्लंघन और जासूसी के संदेहों से घिरा हुआ है।देश इस बारे में मंत्री से जवाब चाहता है।”




