झारखण्ड: केंद्र सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों एवं रोहिंग्या की पहचान के लिए राज्य सरकार को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसके तहत हर जिले में इन अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी।अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि व्यक्ति बांग्लादेशी या रोहिंग्या है, तो उसकी बायोमैट्रिक पहचान ली जायेगी और इसे विदेशियों की पहचान के लिए तैयार एफआईपी पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा.वापस भेजने की कार्रवाई की जायेगी.हर महीने की 15 तारीख तक बांग्लादेशी और रोहिंग्या की वापसी से संबंधित रिपोर्ट केंद्र को भेजने का निर्देश जारी किया गया है.संबंधित जिले के उपायुक्त को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने कहा ”पिछली बार जब हाई कोर्ट ने इन घुसपैठियों की पहचान हेतु कमिटी बनाने का आदेश दिया था, तो झारखंड सरकार उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। इस बार उनके पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है, तो उम्मीद है कि इस राज्य के आदिवासियों- मूलवासियों का हक मार रहे, इन लाखों घुसपैठियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी।आप सभी से अनुरोध है कि इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद, अपने आसपास के संदिग्ध लोगों की शिकायत पुलिस से करें। ऐसे लोगों को पकड़ने के बाद उन्हें होल्डिंग सेंटर में रखा जायेगा, और कागज़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें डिपोर्ट किया जायेगा।”




