झारखण्ड :मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज चतरा जिला में ईटखोरी स्थित मां भद्रकाली की पावन धरती पर आयोजित “आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार ” कार्यक्रम में लगभग 841 करोड़ की 702 विकास योजनाएं चतरा एवं कोडरमा जिले को समर्पित किया । लगभग 5 लाख लाभुकों के बीच 736 करोड़ रुपए से ज्यादा की परिसंपत्तियों एवं पोषण सखियों के बीच नियुक्ति पत्र का भी वितरण किया ।आज सीएम हेमंत सोरेन इटखोरी की पावन धरती चतरा में चतरा और कोडरमा जिले के लाभुकों के बीच आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने कहा यह गांव की सरकार है जो रांची से नहीं, गांव से चलती है। चतरा में सबसे अधिक शिविरों का आयोजन हुआ, यह अच्छी बात है और हजारों की संख्या में आपकी समस्याओं का समाधान भी हुआ है। अब सरकार का कार्यकाल 5 वर्ष होने को है। जल्द राज्य में चुनाव आएगा फिर से सरकार के गठन के लिए। और इसलिए मैं यह जानने आया हूं कि सरकार जो कार्य कर रही है वह अच्छा कार्य कर रही है या नहीं, विशेषकर महिला-दीदियों से मैं यह जानना चाहता हूं। 2 वर्ष तक कोरोना का बादल छाया रहा। लॉकडाउन जारी कर दिया गया। हमारे राज्य के युवा देश के अन्य राज्यों में फंस गए। ऐसे समय में उन्हें हवाई जहाज समेत अन्य साधनों से लाया गया। कोई बताएं कि झारखण्ड के अतिरिक्त किस राज्य ने सबसे पहले कोरोना काल में राज्य के लोगों को अपने घर पहुंचाया। सीएम ने कहा विपक्ष जातिवाद, परिवार अगड़ा-पिछड़ा, सिख-इसाई करके चुनाव लड़ते हैं। लोकसभा चुनाव में आपने देखा किस तरह से सांप्रदायिक तनाव पूरे देश में इन्होंने फैलाया। इन्होंने पूरे समाज को बांटने का काम किया। आम आदमी को ठगने का तो काम किया ही, इन्होंने भगवान को भी नहीं बक्शा। यही नतीजा हुआ कि भगवान राम ने भी उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य किया। आज इसी कारण उन्हें सरकार बनाने के लिए बैसाखी की जरूरत पड़ी है।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा 2019 से पूर्व जब कोरोना जैसी महामारी नहीं थी, उस समय डबल इंजन की सरकार में लोग हाथ में राशन कार्ड लेकर भात-भात कहकर मर गए। लेकिन कोरोना की इस महामारी के दौर में किसी की मौत भूख से नहीं हुई।भाजपा के लोग मंईयां योजना की काट के तौर पर योजना लेकर आने वाले हैं लेकिन मैं पूछता हूं कि क्यों 20 वर्षों तक उन्होंने बुजुर्गों को पेंशन नहीं दिया, बच्चियों को अच्छी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता नहीं दी, महिलाओं को सम्मान नहीं दिया। विपक्ष में खलबली मची हुई है। हम सरकार की कार्य योजना को लेकर जिला-जिला घूम रहे हैं और ये लोग कैसे चुनाव में वोट खरीद सकें इसके लिए गिद्ध की तरह पूरे राज्य में मंडरा रहे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर एक दर्जन मुख्यमंत्री पूरे राज्य में मंडरा रहे हैं।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा भाजपा की दिलचस्पी झारखण्ड में है क्योंकि झारखण्ड को पूरी दुनिया में सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता है। लेकिन यहां के लोगों की क्या स्थिति है यह हम सभी जानते हैं। झारखण्ड जैसी सोनी की चिड़िया पर भाजपा की नजर लगी है, ताकि यहां के खनिज संपदा को लूटा जा सके।गरीबों के लिए इन्होंने आवास की स्वीकृति नहीं दी। जबकि यही स्वीकृति बगल के राज्य में जब चुनाव था उन्हें दे दिया गया। इसके बाद आपकी सरकार ने अपनी ताकत पर आप सभी को अबुआ आवास योजना से आच्छादित करना प्रारंभ किया।आज गरीबों को जब हम लोग ताकत देने का काम कर रहे हैं तो विपक्ष को तकलीफ हो रही है। यहां के करीब 80% लोग गांव में बसते हैं। खेती-बाड़ी के कार्य से जुड़े हुए हैं। कई समस्या इनके समक्ष आती है और छोटी-छोटी समस्याएं धीरे-धीरे विकराल हो जाती हैं, इसका बोझ वे नहीं उठा पाते हैं। हम लोगों ने बुढ़ापे को लाठी देने काम किया, महिलाओं को सम्मान देने का काम किया है।




