टेंडर घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपी मंत्री आलमगीर आलम को बुधवार (22MAY ) को झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम को कोर्ट में पेश किया। ED ने पांच दिनों तक और पूछताछ करने का समय माँगा. कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. हालांकि ईडी ने 8 दिनों के रिमांड की मांग की थी पर PMLA कोट ने 5 दिन की इजाजत दी. बता दें कि आज आलमगीर आलम की 6 दिनों की रिमांड अवधि पूरी हो गई जिसके बाद उनको कोर्ट में पेश किया गया। 6 मई को ED ने आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद नौकर के आवास से 35 करोड़ से अधिक कैश बरामद हुए थे। कमीशन कांड का जांच कर रही ED एक के बाद एक खुलासे मंत्री आलमगीर आलम सामने आ रही है। ED को पता चला है कि ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम को पैसे देने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल होता था। ED ने मंगलवार को कोर्ट में सौंपे दस्तावेज में बताया है कि मंत्री आलमगीर आलम के लिए रिश्वत की रकम की गणना के लिए डायरी में कोड वर्ड एम और एच का इस्तेमाल किया गया था। एम का मतलब मिनिस्टर और एच का मतलब ऑनरेबल था। ED ने कोर्ट को जो दस्तावेज सौंपे हैं, उसमें ठेकों के लिए एलओए जारी होने पर ही कमीशन मिलने का उल्लेख है। बीते जनवरी महीने में 25 छोटे-छोटे ठेकों के बाद ही मंत्री आलमगीर आलम के लिए 1.23 करोड़ रुपए कमीशन के तौर पर मिलने का जिक्र डायरी के एक पन्ने में है। ईडी ने जो दस्तावेज कोर्ट में दिए हैं, उसके अनुसार कुल 223.77 लाख रुपये की उगाही 9- 19 जनवरी तक जारी इन 25 टेंडरों में की गई। जिसमें 123.20 लाख रुपये का कमीशन मंत्री आलमगीर आलम का है।मालूम होगा कि 15 मई की शाम ईडी ने आलमगीर आलम के गिरफ्तार किया था।उसके बाद लगातार पूछताछ जारी है .




