रांची: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता 31 अक्टूबर को रिम्स में पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस यूनिट, लाइब्रेरी और रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र का विधिवत उद्घाटन करेंगे.इसके अलावा वह पीत ज्वर टीकाकरण केंद्र और ट्रॉमा एवं रेडियोलॉजी सेंटर के बाहर मरीजों और उनके परिवारों के लिए विश्राम केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे.रिम्स में नेफ्रोप्लस द्वारा संचालित डायलिसिस सेंटर की शुरुआत 17 अक्टूबर को हुई थी. अब 31 अक्टूबर से ओपीडी के आधार पर मरीजों का डायलिसिस शुरू किया जाएगा.रिम्स निदेशक डॉ राजीव गुप्ता ने कहा कि 25 बेड की इस व्यवस्था के अलावा पहले से संचालित 10 बेड की पुरानी डायलिसिस यूनिट भी चालू रहेगी.यहां कार्डधारकों, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलेगी।जबकि सामान्य मरीजों का डायलिसिस 1341 रुपए में किया जाएगा।रिम्स के ट्रॉमा सेंटर के प्रथम तल पर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र की स्थापना की गयी है.यहां जिन बच्चों को विशेष देखभाल और उपचार की आवश्यकता होगी उन्हें विभिन्न कुपोषण उपचार केंद्रों से रेफर किया जाएगा।यहीं रखकर उसका इलाज किया जाएगा।इस केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. आशा किरण होंगी।यह सेंटर शिशु रोग विभाग के एचओडी की देखरेख में संचालित होगा.यहां कुपोषित बच्चों को भी आहार के तहत भोजन दिया जाएगा।संपूर्ण इलाज की भी व्यवस्था होगी.एकेडमिक ब्लॉक के चारों ब्लॉक में लाइब्रेरी बनाई गई है। 31 अक्टूबर को इसका विधिवत उद्घाटन भी कर दिया जाएगा।इस लाइब्रेरी में रिम्स के 501 छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे.इस लाइब्रेरी में 92278 किताबों की भी व्यवस्था की गई है.इसके अलावा इंटरनेट के साथ 81 कंप्यूटर भी लगाए जा रहे हैं, जिनमें ई-स्टडी मटेरियल के जरिए पढ़ाई हो सकेगी।रिम्स में पीत ज्वर टीकाकरण केंद्र का भी उद्घाटन किया जायेगा.इससे पहले ट्रायल के तौर पर अब तक 12 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है.कई देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पीले बुखार का टीका लगवाना अनिवार्य है। इससे लोगों को फायदा होगा.इसके अलावा निदेशक ने बताया कि यूरोलॉजी में 16 और नेफ्रोलॉजी में 6 बेड बढ़ाये गये हैं.इसके साथ ही नीकू और पीकू में बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है.



