रांची: एचईसी में चल रहे आर्थिक संकट को दूर करने के लिए इंडिया एलायंस की बैठक रांची के बिहार क्लब में हुई.झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मुश्ताक आलम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस फैक्ट्री को बचाने के लिए राज्य में बड़ी लड़ाई लड़ी जायेगी.जिसकी शुरुआत 14 सितंबर को राजभवन के सामने धरना से होगी.इसके अलावा 21 सितंबर को संसद के विशेष सत्र के दौरान इंडिया एलायंस के नेता संसद भवन के सामने जंतर-मंतर पर धरना देंगे और प्रधानमंत्री से एचईसी को बचाने की मांग करेंगे.कहा गया कि हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन वर्षों से बंद होने की कगार पर है.यहां मजदूरों को खाने के लाले पड़ गए हैं.पिछले 20 माह से अधिकारियों को वेतन नहीं मिल रहा है तो पिछले 18 माह से मजदूरों को वेतन नहीं दिया गया है, जिससे मजदूर भुखमरी के कगार पर हैं.नेताओं ने कहा कि एक साजिश के तहत हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन, जो मदर इंडस्ट्री के नाम से मशहूर है, आजादी के बाद रांची में बनी पहली फैक्ट्री, जिसने पूरे देश में फैक्ट्रियों का जाल फैलाया, आज केंद्र सरकार की जनविरोधी इंडस्ट्री बन गयी है.नीति के कारण बंद होने की कगार पर।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंडिया एलायंस श्रमिक संगठनों एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल पर एचईसी को बचाने के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी जायेगी. भारतीय जनता पार्टी की सरकार में देश की सभी सार्वजनिक फैक्टरियों को कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है।बड़ी-बड़ी मुनाफा कमाने वाली फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। आज इसरो के जिस लॉन्चिंग पैड पर मोदीजी चंद्रयान के नाम पर ढोल पीट रहे हैं, वह भी इसी फैक्ट्री द्वारा बनाया गया है।आदित्य एल1 के कुछ कंपोनेंट भी यहीं बनाए जाते हैं।एचईसी को बचाने के लिए उपस्थित नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि राज्य सरकार इसका अधिग्रहण कर इसे चलाये.बैठक में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक समेत कई लोग मौजूद थे.



