मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया ऐलान ”दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट की डिग्री अनिवार्य नहीं”

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आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में कल्याण विभाग के SPV प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित कल्याण गुरुकुल और कौशल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया।सीएम ने कहा राज्य में हमारी मेडिकल सर्किट बनाने की योजना है।ऑनलाइन व्यवस्था से पंचायत और गांव में दवा दुकान चलाने वालों को चिकित्सकों से कनेक्ट किया जाएगा। ताकि ऑनलाइन चिकित्सक से संपर्क कर इलाज सुनिश्चित किया जा सके। आज पंचायत-पंचायत हम दवा दुकान खोलने का कार्य कर रहे हैं।प्रेझा अंतर्गत अभी सिर्फ बेटियां नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। मैंने पहले भी कहा था। अब राज्य के युवक भी नर्सिंग का कोर्स कर सकेंगे और इसे बहुत जल्द शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा खूंटी में कौशल विकास कॉलेज भी जल्द खोला जाएगा।राज्य में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्थापना हो रही है जहां बड़े पैमाने पर नर्सिंग समेत अन्य विषयों पर शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल्द अपोलो अस्पताल भी प्रारंभ करने का कार्य किया जाएगा। आपके लिए हम राज्य में संस्थाएं तैयार कर रहे हैं। आप प्रशिक्षण लें, बहुत जल्द आपको मौका मिलेगा। इसके साथ-साथ जल्द से जल्द यहां पैथोलॉजी लैब की ट्रेनिंग हेतु सेंटर प्रारंभ करने का कार्य किया जाएगा, ताकि युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।झारखण्ड प्रदेश देश के अत्यंत पिछड़े राज्यों में से एक राज्य है। यहां 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। जीविका के लिए कई चुनौतियां राज्य के लोगों के साथ जुड़ा हुई है। जब से हमने राज्य की बागडोर संभाली है उसी समय से राज्य की अर्थव्यवस्था, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हैं।कल्याण गुरुकुल और कौशल कॉलेज के 500 छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर भी दवा की दुकानें खुलेंगी, ताकि लोगों को दवा के लिए दूरदराज के इलाकों में जाना नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होनी चाहिए थी, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है. अब पढ़े-लिखे युवा भी दवा दुकान खोल सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा झारखण्ड सरकार के SPV प्रेझा फाउंडेशन के अंतर्गत राज्य के गरीब, वंचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए लगातार कार्य कर रही है कि कैसे यह वर्ग स्वावलंबी बने। मुझे बताया गया है राज्य सरकार अंतर्गत प्रेझा द्वारा अब तक करीब 30 हजार युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ा गया है। मुझे याद है सरकार बनने के बाद कोरोना संक्रमण के दौरान भी प्रेझा के अंतर्गत सैकड़ो बेटियों को नर्सिंग हेतु नियुक्ति पत्र सौंपा गया था। आज पुनः यह सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। आज 500 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार।

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