रांची: कोयला कर्मियों का राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 लागू हो गया है.कोयला मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी की गयी. कोल इंडिया और एससीसीएल कर्मचारियों को जून महीने में मिलने वाले वेतन का भुगतान जुलाई में एनसीडब्ल्यू-11 के तहत बढ़े हुए वेतन के रूप में किया जाएगा.कोयला मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद कोल इंडिया के डीपी (पीएंडआईआर) विनय रंजन ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर बीसीसीएल और सीसीएल समेत सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी को वेतन भुगतान से संबंधित कार्यान्वयन निर्देश (इम्प्लीमेंटेशन इंस्ट्रक्शंस) जारी किये.उन्होंने सभी सीएमडी को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने को कहा है ताकि नये वेतनमान के तहत जून का वेतन जुलाई में दिया जा सके.सीआइएल डीपी का आदेश बीसीसीएल समेत कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों तक पहुंच गया.कोयला कर्मियों को न्यूनतम 43,677.45 और अधिकतम 71,030.56 रुपये वेतन मिलेगा.नये वेतनमान के तहत कोयला कर्मियों को न्यूनतम 43677.45 रुपये और अधिकतम 71030.56 रुपये वेतन मिलेगा.श्रेणी-1 के श्रमिकों को 43677.45 रुपये मिलेंगे। 71030.56 पर्यवेक्षी ग्रेड कर्मियों के लिए।सुपरवाइजरी ग्रेड कर्मियों के वेतन में 23,228.04 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.10वें वेतन समझौते के तहत सुपरवाइजरी ग्रेड वर्कर को 47802.52 रुपये वेतन मिलता था, जो बढ़कर 71030.56 रुपये हो गया है.नए वेतनमान का लाभ कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनी के अलावा एससीसीएल में कार्यरत 2.81 लाख कर्मियों को मिलेगा. कोल इंडिया प्रबंधन ने इसके लिए 9252.24 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.नया वेतनमान 1 जुलाई 2021 से प्रभावी माना जाएगा.कोयला कर्मियों को एक जुलाई 2021 से मूल वेतन का 2.3 फीसदी मकान किराया भत्ता मिलेगा.बिजली बिल में मूल वेतन का 1 प्रतिशत कटौती की जाएगी। उपस्थिति बोनस हर तीन महीने में मूल वेतन का 10 प्रतिशत होगा।



