रांची: झारखंड पुलिस को संगठित गिरोहों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में एक बड़ी सफलता मिली है, अमन श्रीवास्तव को राज्य और महाराष्ट्र एटीएस के एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया है.गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे झारखंड और महाराष्ट्र की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के ज्वायंट ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया. अमन को मंगलवार को मुंबई कोर्ट में पेश किया गया. वहीं अब उसे रांची लाया जाएगा. झारखंड के डीजीपी अजय सिंह ने बताया कि, अमन का गिरोह झारखंड के पांच-छह जिलों से हर महीने करोड़ों की रंगदारी वसूलता रहा है.प्रेस वार्ता करते हुए झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस राज्य में संगठित अपराध को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अमन श्रीवास्तव विभिन्न अपराधों में शामिल था, खनिज संसाधनों की कंपनियां थीं और आर्थिक रूप से समृद्ध जिले सक्रिय थे. उन्होंने कहा कि झारखंड एटीएस और महाराष्ट्र एटीएस ने इस ऑपरेशन में कमाल का काम किया है और एडीजी ऑपरेशन ने सक्रिय भूमिका निभाई.
डीजीपी ने कहा कि अमन श्रीवास्तव के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था और उसके खिलाफ हत्या के दो सहित कुल 23 मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उसके गिरोह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमन श्रीवास्तव रामगढ़ रांची और पलामू में सक्रिय था.डीजीपी ने कहा कि झारखंड एटीएस पिछले तीन महीनों में इस मामले पर बारीकी से काम कर रही थी, जिसके दौरान यह सामने आया कि वह अलग-अलग राज्यों में अपना ठिकाना बदलने के बावजूद झारखंड में कोयला व्यापारियों से रंगदारी वसूल रहा था।



