पुरस्कार पाकर खिले टॉपरो के चेहरे, छात्र मिलने वाली राशि पढ़ाई के लिए रखेंगे सुरक्षित

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झारखंड के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि चाहे किसी भी माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हों, सरकार उनकी सहायता को तत्पर है।

कई छात्र-छात्राएं पुरस्कृत
उन्होंने जेएसी, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2022 में राज्य के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्र छात्राओं को नकद राशि देकर पुरस्कृत किया। इसके अलावा स्टेट ओलम्पियाड के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त को समानित किया। – इसके अलावा स्टेट ओलम्पियाड के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कार वितरण योजना का उद्देश्य राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कर रहे बच्चों का उत्साहवर्धन करना है। शिक्षा विभाग ने इस कार्य को पूर्ण रूप दिया है। वर्तमान समय में अच्छे स्कूल तथा शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए पैसों की जरूरत एवं पढ़ाई के लिए लैपटाप और मोबाइल आवश्यक है।
इसके जरिए वे तकनीकी जरूरतें पूरी कर सकते हैं। राज्य सरकार मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार के तौर पर ये सब जरूरत की चीजें प्रदान कर रही है। सरकार इन बच्चों के अभिभावकों को भी सहयोग करने का प्रयास कर रही है, ताकि 10वीं और 12वीं के बाद की पढाई के लिए उन्हें अधिक चिंता करने की ज़रूरत नही हो।
हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है. राज्य के मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया जा रहा है. सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के बच्चे चाहे यहां के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हों, सीबीएसई, आईसीएसई, बोर्ड की पढ़ाई कर रहे हों. जो बच्चे शिक्षा को लेकर गंभीर हैं उनको शिक्षा के प्रति उनकी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने यह योजना शुरू की है .
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पुरस्कार वितरण योजना का उद्देश्य राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कर रहे बच्चों का उत्साहवर्धन करना है. शिक्षा विभाग ने इस कार्य को आज पूर्ण रूप दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में अच्छे स्कूल तथा शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए पैसों की जरूरत एवं पढ़ाई के लिए लैपटॉप और मोबाइल आवश्यक है. इसके जरिए वे तकनीकी जरूरतें पूरी कर सकते हैं. राज्य सरकार मेधावी छात्र-छात्राओं को आज पुरस्कार के रूप में ये सब जरूरत की चीजें प्रदान कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इन बच्चों के अभिभावकों को भी सहयोग करने का प्रयास कर रही है, ताकि 10वीं और 12वीं के बाद की सीढ़ी के लिए उन्हें अधिक चिंता करने की जरूरत न पड़े और होनहार बच्चों को मदद मिल सके. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि प्रतियोगिता के इस दौर में यहां के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता देखने को मिली. उसका बेहतर परिणाम देखने को मिला है. आज होनहार बच्चे सम्मानित हुए हैं. इन बच्चों की क्षमता को देखते हुए लगता है, आने वाले दिनों में इससे अधिक संख्या में बच्चे सामने आ सकते हैं. उन सभी बच्चों को सरकार सम्मान देगी ताकि वे बेहतर कर सकें। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखण्ड सिर्फ खनिज संपदा पर ही नहीं बल्कि बौद्धिक क्षमता में भी आगे रहने की काबिलियत रखता है. यही वजह है कि जिन बच्चों को सरकार ने निः शुल्क उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा था, वे अब अपने पैर पर खड़े हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश पढ़ाई करने गए कई बच्चों ने विदेशों में ही नौकरी पायी है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खिलाड़ियों में बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए आयोजित खेलो झारखण्ड एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित कला उत्सव की जानकारी और उपलब्धियों को समेटे कॉफी टेबल बुक का लोकर्पण किया.

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