उपायुक्त, रांची श्री राहुल कुमार सिन्हा द्वारा आज दिनांक 21 फरवरी 2023 को “घुमन्तु बच्चों के बचाव हेतु जागरूकता रथ रवाना किया गया। श्री राहुल कुमार सिन्हा ने समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रथ रवाना किया। इस दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, राँची, श्रीमती श्वेता भारती, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, राँची, श्री वेद प्रकाश तिवारी, अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने जागरूकता रथ के सफल संचालन करते हुए इससे ज्यादा से ज्यादा घुमंतू बच्चे की पहचान कर उनकी समस्या के समाधान हेतु सरकारी पहल से जोड़ने का निर्देश दिये।
घुमंतु बच्चे कौन हैं? :-
- वैसे बच्चे जो भीख मांगते हैं।
- सड़क किनारे फुटपाथ दुकानों पर काम करते हैं।
- कूडा-कचरा चुनने वाले बच्चे।
- आपराधिक कार्यों में मित्र मंडली के प्रभाव में संलिप्त रहने वाले बच्चे।
- घर से बाहर रहकर मित्र मंडली में नशापान करने वाले बच्चे।
- सड़क किनारे घुमन्तू स्थिति में पाये जाने वाले बच्चे।
- अपने परिवार के साथ झुग्गी-झोपड़ी, सड़क किनारे अस्थायी रुप से निवास करनेवाले बच्चे।
घुमन्तू बच्चों के प्रकार :-
- वैसे बच्चे जो स्ट्रीट में रहते हैं।
- जो बच्चे दिनभर स्ट्रीट में घूमनेवाले हों एवं रात्रि में अपने घर वापस आ जाते हैं।
- वैसे बच्चे जो स्ट्रीट में फुटपाथ पर किसी प्रकार ( जीविका से संबंधित कार्य ) करते हों एवं रात्रि में अपने परिवार के साथ स्ट्रीट ही सोते हों।
- घुमन्तू प्रकृति के बच्चे जिनका रहने, खाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा आदि का कोई स्थायी व्यवस्था न हो।
- वैसे बच्चे जो घुमन्तू प्रकृति के होते हैं एवं अपने माता-पिता/अभिभावक के अनुमति के बिना कहीं भी चले जाते हैं तथा रात्रि में घर वापस नहीं आते हैं।
घुमन्तू बच्चों की समस्याएं एवं कारण :-
- आवास हेतु स्थायी व्यवस्था नहीं होना।
- खाने-पीने का स्थायी साधन नहीं होना।
- शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध नहीं होना।
- स्वास्थ्य संबंधित उचित देखभाल नहीं होना।
- शौचालय एवं स्नानागार हेतु उचित व्यवस्था नहीं होना।
- शिक्षा हेतु समुचित व्यवस्था न हो पाना।
- बच्चों का अभिभावक द्वारा समुचित देखभाल का अभाव।
घुमंतू बच्चों की समस्या के समाधान हेतु सरकारी पहल निम्न हैं-
- खुला आश्रय गृह।
- घुमंतू बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना।
- बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों का उचित पुनर्वास एवं शिक्षा।
- प्रयोजन योजना से जुड़ाव के माध्यम से प्रति माह 2000 रुपये की आर्थिक सहायता।
- फॉस्टर केयर योजना से जोड़कर प्रतिमाह 2000 हजार रुपये की आर्थिक सहायता।
- अन्य सरकारी योजनाओं से बच्चों का जुड़ाव।
घुमन्तू बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ या उनकी समस्या के समाधान हेतु जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण समिति से दूरभाष संख्या 0651-3505516 या कार्यालय पता-समाहरणालय भवन, ब्लॉक- बी, कमरा संख्या – 111 में संपर्क किया जा सकता है।



