तंजानिया की रहस्यमयी झील के पानी के संपर्क में आते ही जीव-जंतु बन जाते हैं पत्थर के ,जानिए पीछे का रहस्य

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Creatures become stone as soon as they come in contact with the water of Tanzania’s mysterious lake

नमस्कार सरोवर का नाम सुनते ही मन को सुकून मिलता है लेकिन आज हम आपको एक ऐसी रहस्यमयी सरोवर के बारे में बताते हैं जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। पृथ्वी पर ऐसी कई चीजें हैं जिनका खुलासा होना अभी बाकी है, जो रहस्यों से भरी हैं। जिसका वैज्ञानिक पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी खतरनाक झील, जिसका रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया। हम बात कर रहे हैं तंजानिया की बेहद खतरनाक झील की। जी हां, यह खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसके बारे में कहा जाता है कि इसके पानी को छूते ही लोग पत्थर के हो जाते हैं, तो आइए जानते हैं इस झील की सच्चाई।

तंजानिया की रहस्यमयी झील
यह झील उत्तरी तंजानिया में स्थित है, जिसे नेट्रॉन झील के नाम से जाना जाता है। उत्तरी तंजानिया में नेट्रॉन झील सबसे खतरनाक झीलों में नंबर एक मानी जाती है। वहां के लोगों में ऐसी मान्यता है कि जो भी इस झील के पानी को छू लेता है वह पत्थर का हो जाता है। तंजानिया की यह झील ज्यादा दूर तक आबाद नहीं है। इस झील के चारों ओर सिर्फ पशु-पक्षियों की मूर्तियां पड़ी हुई नजर आती हैं। ऐसे में इसके रहस्यमयी पानी को लेकर लोगों के बीच कई तरह की बातें प्रचलित हैं. कुछ लोग इसे जादुई पानी मानते हैं। यहां के लोगों का कहना है कि यह झील श्रापित है। कोई भी प्राणी जो इसमें जाता है उसका पानी नहीं पी सकता, लेकिन जैसे ही पानी का स्पर्श होता है, वह पत्थर का हो जाता है।

चारों ओर पत्थरों के बने अनेक पशु-पक्षी
इस झील में जाने पर आप ढेर सारे पशु-पक्षी के ढांचे देख सकते हैं जो पत्थर के हैं। इनकी स्थिति को देखकर यह माना जा सकता है कि कभी न कभी यह जानवर जीवित रहा होगा, क्योंकि मानव निर्मित पत्थर की कोई भी आकृति इतनी सटीक नहीं हो सकती। इन मूर्तियों के पंख पत्थर तक हैं, जानवरों के एक-एक बाल भी पत्थर के बने दिखाई देते हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि उन्होंने वाकई पानी को छू लिया होगा।

इस झील में ऐसी कौन सी अलौकिक शक्ति है जो सबको पत्थर बना देती है?
तंजानिया की एक झील अपने मिथक के लिए मशहूर रही है, जबकि हकीकत इससे कहीं अलग है। कहा जाता है कि जो भी इस झील के पानी को छू लेता है वह पत्थर का हो जाता है। हालांकि वैज्ञानिक तरीके से जानने पर पता चला कि लंबे समय से लोगों के मन में जो भ्रम है, वह दरअसल भ्रम ही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे कोई जादुई शक्ति नहीं बल्कि पानी का रसायन है।

सत्य क्या है?
दरअसल, तंजानिया के अरुशा इलाके में बनी नेट्रॉन लेक नाम की रहस्यमयी झील एक क्षारीय झील है, जहां के पानी में सोडियम कार्बोनेट की मात्रा बहुत ज्यादा है। पानी में क्षारीय सामग्री पीएच 9.0 से पीएच 10.5 तक होती है, जो अमोनिया के समान है। झील का तापमान भी कई बार 60 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है। इस झील में जाने वाले पशु-पक्षी कैल्सीफाइड होकर पत्थर के हो जाते हैं। यही कारण है कि जो जानवर इस झील में अधिक समय व्यतीत करते हैं वे रासायनिक मृत्यु के शिकार होते हैं। इस पानी में एक ऐसा तत्व भी पाया गया जो ज्वालामुखी की राख में पाया जाता है। इस तत्व का उपयोग मिस्रवासी ममियों को संरक्षित करने के लिए करते थे। इसीलिए यहां जो भी पक्षी मरता था उसका शरीर सालों तक सुरक्षित रहता है। इसी तरह धीरे-धीरे यहां मृत पशु-पक्षियों की संख्या बढ़ती गई, जिनके शव आज तक सुरक्षित हैं।

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