लॉकडाउन मेंगरीबों को सरकार पहुँचा रही मदद, लेकिन माध्यम वर्ग पर गिर रही गाज

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कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पुरे देश में लॉक डाउन किया गया है । गरीब लोगो के ऊपर तो मुसीबत है ही, लेकिन सरकार और संस्थानों ने राशन और रहत सामग्रियां बांट कर काफी हद तक उनकी मुश्किलें कर दी है । अगर गौर से देखा जाए तो लॉक डाउन में माध्यम वर्गीय परिवार को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पद है। आम लोगों को रहत देने के लिए केंद्र सरकार ने ईएसआई योजना का फायदा उठाने वाले कर्मचारियों का वार्षिक एकमुश्त अंशदान जमा न होने के बावजूद 30 जून 2020 तक कर्मचारियों को सभी मेडिकल सेवाएँ उपलब्ध करने का ऐलान किया है । ईएसआई योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिनकी मासिक आय 21,000 रूपए से काम हो और जो काम से काम 10 कर्मचारियों वाली कंपनी में काम करते हो ।

केंद्र सरकार की ओर से लॉक डाउन में की गई 5 बड़ी घोषणाएँ

मिलती रहेंगी सभी सुविधाएँ
लॉक डाउन के वजह से जो भी कम्पनियाँ कर्मचारियों का एकमुश्त अंशदान जमा नहीं कर पाई है उन कर्मचारियो की मेडिकल सुविधाएँ नहीं रोकी जाएंगी ।

एक्सपायर कार्ड का भी कर सकते है इस्तेमाल
जिन कर्मचारियों का मेडिकल कार्ड एक्सपायर हो चुका है उन्हें चिंता करने की ज़रूरत नही है 30 जून 2020 तक कर्मचारियों को पुराने कार्ड पर भी सभी सेवाए उपलब्ध रहेंगी ।

दवाइया प्राइवेट मेडिकल स्टोर से ली जा सकती है
कर्मचारी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाइया खरीदने के बाद ESIC से खर्च किय हुए पैसे क्लेम कर सकेंगे ।

अन्य अस्पतालों में हो सकता है इलाज
काफी सारे ऐसे ESIC के अस्पताल है जिन्हे कोरोना अस्पतालों के तरह इस्तेमाल किया जा रहा है । इन अस्पतालों में इलाज करवाने वाले कर्मचारीयो को भी मेडिकल सुविधाए उपलब्ध कराने की व्यवस्था है । इसके लिए ESIC ने कई अस्पतालों से समझौता कर लिया है ।

कंपनियों को मिली बड़ी रहत
कर्मचारी राज्य बिमा निगम ने कंपनियों को रहत है । फरवरी और मार्च महीना का अशंदान जमा करने की तारीख 15 मई 2020 तक बढ़ा दी है।