रूस-यूक्रेन युद्ध: बाइडन के यूक्रेन जाने की अटकलों पर लगा विराम, जानें जेलेंस्की के समर्थन में अब तक कौन से देशों के नेता पहुंचे कीव

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के यूक्रेन जाने की अटकलों पर विराम लग गया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति बाइडन की यूक्रेन दौरे पर जाने की अभी कोई योजना नहीं है। बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए यूरोपीय देशों के कई नेता यूक्रेन पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का है। जॉनसन के दौरे के बाद बाइडन के भी कीव जाने की अटकलें थीं। आइये जानते हैं अब तक कौन-कौन से देशों के नेता यूक्रेन को समर्थन देने कीव पहुंचे हैं।

युद्ध के बीच 15 मार्च को पहली बार कोई विदेशी नेता यूक्रेन पहुंचा15 मार्च को युद्ध के बीच पहली बार किसी देश का नेता यूक्रेन पहुंचा था। उस वक्त पोलैंड, चेक रिपब्लिक और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे। यहां इन नेताओं ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। ट्रेन से कीव पहुंचे तीनों प्रधानमंत्रियों ने इस दौरान यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्यमीहल और राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बैठक करके हालात का जायजा लिया था। पोलैंड के प्रधानमंत्री मतेउस मोरावेस्की के साथ पोलैंड की पॉपुलिस्ट राइट विंग लॉ एंड जस्टिस पार्टी के नेता और उप प्रधानमंत्री यरोस्लाव काटरेस्की भी कीव पहुंचे थे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने पहुंचकर दिया था बड़ा संदेशनौ अप्रैल को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यहां उन्होंने यूक्रेन की आर्थिक और सैन्य मदद करने की बात कही। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बातचीत के बाद उन्होंने यूक्रेन को 120 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ नया एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम देने का भी एलान किया था। 12 अप्रैल को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस मुद्दे पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से करीब 45 मिनट बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन को मदद जारी रखने की बात कही।

नाटो देशों के चार नेता पहुंचे यूक्रेन
13 अप्रैल को नाटो देशों के चार नेता यूक्रेन का समर्थन करने के लिए राजधानी कीव पहुंचे। इनमें लिथुवानिया, लातविया, पोलैंड और इस्टोनिया के नेता शामिल थे। ट्रेन से कीव पहुंचे इन नेताओं ने राष्ट्रपित जेलेंस्की से मुलाकात करके मानवीय और सैन्य मदद को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही सैन्य अपराध की जांच को लेकर भी बातचीत हुई। लिथुवानिया के राष्ट्रपति जिटानस नौसेदा ने बाकी तीन नेताओं के साथ फोटो ट्वीट करके लिखा कि राजनीतिक समर्थन और सैन्य मदद का मजबूत संदेश देने कीव जाते हुए।

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