ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करेगी झारखंड सरकार,जानिए क्या चल रहा?
झारखंड के साथ साथ देश में तेजी से पैर पसार रहे ब्लैक फंगस (म्यूकरमाईकोसिस) को राज्य में महामारी घोषित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1987 के तहत झारखंड स्टेट एपिडेमिक डिजीज (म्यूकरमाईकोसिस) रेगुलेशन 2021 का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेज दिया है। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद इसे कैबिनेट से पास कराया जाएगा। इसके बाद यह पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा।
फिलहाल 16 मरीज भर्ती
राज्य में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, अब तक चार मरीज की मौत भी हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह में राज्य भर में इसके लगभग 20 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं जिसमें से चार की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के विभिन्न अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 16 मरीज भर्ती हैं। इसमें से रिम्स में 10, मेडिका में चार व टीएमएच, जमशेदपुर में दो मरीज भर्ती हैं। रिम्स में भर्ती 10 मरीजों में अशफीर् हॉस्पिटल, धनबाद के दो मरीज भी शामिल हैं। वहीं रिम्स प्रबंधन के अनुसार रिम्स में 11 मरीज भर्ती हैं जिसमें से दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है।
म्यूकरमाईकोसिस को महामारी घोषित होने के बाद सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ साथ सरकारी व निजी अस्पतालों में म्यूकरमाईकोसिस की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और मैनेजमेंट पर जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इसके लिए पहले ही सभी संस्थानों को आईसीएमआर द्वारा जारी गाईड लाईन भेजकर इसके अनुपालन का निर्देश दिया है। सभी संस्थान पुष्ट और संभावित मामलों की जानकारी जिला स्तर पर सिविल सर्जन के जरिए चिकित्सा विभाग को देंगे। इसके बाद इसे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के सर्विलांस सिस्टम में अपडेट किया जाएगा।



